Skyways Air Services IPO: हवाई मालढुलाई और लॉजिस्टिक कंपनी स्काईवेज एयर सर्विसेज लिमिटेड के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की क्लोजिंग हो गई है। इस आईपीओ को निवेशकों से जबरदस्त रेस्पॉन्स मिला है और बुधवार को बोली के तीसरे दिन पांच गुना बोलियां मिलीं। एनएसई आंकड़ों के अनुसार 582.79 करोड़ रुपये के आईपीओ में 2,95,83,600 शेयरों की पेशकश के मुकाबले 15,02,61,400 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। खुदरा निवेशकों की श्रेणी को 6.91 गुना बोलियां प्राप्त हुईं और गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी को 6.90 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। पात्र संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए आरक्षित हिस्से को 49 प्रतिशत बोलियां मिलीं। स्काईवेज एयर सर्विसेज लिमिटेड ने शुक्रवार को एंकर निवेशकों से 174.5 करोड़ रुपये जुटाए।
स्काईवेज एयर सर्विसेज लिमिटेड आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 131-138 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। ग्रे मार्केट प्रीमियम की बात करें तो 25 रुपये पर है। यह करीब 20 पर्सेंट के प्रीमियम को दिखाता है। हालांकि, पिछले कुछ दिनों के पैटर्न को देखें तो कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP कम हुआ है। बता दें कि GMP एक अनौपचारिक मार्केट इंडिकेटर है और लिस्टिंग से पहले बदल सकता है। यह असल लिस्टिंग प्राइस या रिटर्न की गारंटी नहीं देता है।
आईपीओ में 2.89 करोड़ शेयरों तक का फ्रेश इश्यू और प्रवर्तकों, मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 1.33 करोड़ शेयरों तक की बिक्री पेशकश (ओएफएस) शामिल है। कंपनी नए इश्यू से मिलने वाली रकम में से 216.8 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करने की योजना बना रही है। जून 2026 तक स्काईवेज़ एयर सर्विसेज़ पर कुल 586.2 करोड़ रुपये का बकाया कर्ज था। इसके अलावा, 130 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए रखे गए हैं जबकि बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट कामों के लिए किया जाएगा। होलानी कंसल्टेंट्स, शैनन एडवाइजर्स और डोलैट फिनसर्व आईपीओ के मर्चेंट बैंकर हैं।
एंकर निवेशकों की लिस्ट में नोमुरा सिंगापुर, सिटीग्रुप, होलानी वेंचर कैपिटल फंड, प्रणित्या इंडिया अपॉर्चुनिटीज फंड और इंडसइंड जनरल इंश्योरेंस शामिल हैं। घरेलू म्यूचुअल फंड्स को 50.5 लाख शेयर अलॉट किए गए, जिनकी कीमत 69.69 करोड़ रुपये थी। ये शेयर बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड और टॉरस एसेट मैनेजमेंट को छह स्कीमों के जरिए अलॉट किए गए।
स्काईवेज एयर सर्विसेज ने मार्च 2026 में खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के दौरान मुनाफे में 32 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की। कंपनी का मुनाफा 63.5 करोड़ रुपये रहा पिछले साल यह 48.1 करोड़ रुपये था। ऑपरेशन्स से होने वाली कमाई FY25 में 2,247.8 करोड़ रुपये से बढ़कर FY26 में 2,812.9 करोड़ रुपये हो यह कंपनी एक लॉजिस्टिक्स और फ्रेट फॉरवर्डिंग कंपनी है, जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मार्केट में सप्लाई चेन, ट्रांसपोर्टेशन से जुड़े सभी तरह के समाधान देती है। इसकी सेवाओं में एयर फ्रेट फॉरवर्डिंग, ओशन फ्रेट फॉरवर्डिंग, रोड ट्रांसपोर्टेशन, वेयरहाउसिंग, कस्टम्स ब्रोकरेज और टेक्नोलॉजी-बेस्ड एक्सप्रेस कार्गो और पार्सल डिलीवरी सेवाएं शामिल हैं।
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