यूपी के सीतापुर में ऐलिया ब्लॉक के हरधौरपुर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में शुक्रवार सुबह नहाने का पानी न मिलने पर छात्र भड़क गए। उन्होंने हॉस्टल में अपने आप को बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। वार्डन व प्रधानाचार्य ने बातचीत की पर वे डीएम को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। एडीएम ने आकर बात की तब भी छात्र नहीं माने। इस पर डीएम डॉ. राजा गणपति आर मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत की।
छात्रों के साथ खाना खाते हुए उनकी समस्याएं दूर करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्र शांत होकर पढ़ाई में जुट गए। कक्षा नौ से 12वीं तक के छात्र सुबह करीब साढ़े सात बजे नहाने के लिए बाथरूम गए। वहां पर पानी नहीं आ रहा था। छात्रों ने कहा यह समस्या रोजाना बनी रहती है। वार्डेन से शिकायत की, इसके बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ तो छात्र उग्र हो गए। छात्रों ने हॉस्टल में अपने आप को बंद करके प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इसके बाद वार्डन व प्रधानाचार्य आए और बात की। छात्रों ने कहा कि यह समस्या एक दिन की नहीं रोज की है। जब तक डीएम नहीं आएंगे हम लोग अपना कमरा नहीं खोलेंगे। डीएम, डॉ. राजा गणपति आर ने कहा कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया है। समाधान होगा। समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।
ऐलिया ब्लॉक के हरधौरपुर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में छात्रों के प्रदर्शन की जानकारी विद्यालय प्रशासन ने डीएम को दी। डीएम के निर्देश पर एडीएम आयुष चौधरी ने करीब साढ़े दस बजे विद्यालय पहुंचकर बच्चों से बात की। बच्चों ने कहा कि डीएम को बुलाइए तभी बात बनेगी। इसके बाद करीब साढ़े 11 बजे जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर पहुंचे और सीधे हॉस्टल गए। उन्होंने विद्यार्थियों को बुलाया और उनकी एक एक करके सभी समस्याएं सुनीं। इसके बाद छात्र शांत हो गए।
जिलाधिकारी ने बच्चों के साथ कैंटीन में जाकर खाना खाया और कक्षा में जाकर पढ़ाई का हालचाल लिया। दो घंटे तक डीएम विद्यालय में ही मौजूद रहकर व्यवस्थाएं परखते रहे। करीब दो बजे डीएम वहां से निकले। छात्रों ने डीएम को बताया कि रात में हॉस्टल का पानी चला जाता है। करीब दो सौ मीटर पर एक हैंडपंप लगा हुआ है। वहां तक पहुंचने के लिए झाड़ झांकड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। बारिश में जीव जंतुओं का खतरा बना रहता है।
भोजन की गुणवत्ता बहुत ही खराब है। रसायन विज्ञान का कोई शिक्षक नहीं है। इन समस्याओं से रोजाना रूबरू होना पड़ता है। इस पर डीएम ने प्रधानाचार्य को फटकार लगाते हुए सभी समस्याएं दूर करवाने का आश्वासन दिया। इस दौरान छात्रों ने नो डीएम नो टॉक की पर्ची भी फेंकी। डीएम के निर्देश पर विद्यालय परिसर में क्लासरूम के बाहर एक पेटिका लगाई जाएगी। इसमें छात्र अपने मन की बात की पर्ची लिखकर डाल सकते हैं। इस पर्ची में जो भी दिक्कत होगी, उन्हें प्राथमिकता से दूर करवाया जाएगा। इसकी लगातार समीक्षा होगी।
जवाहर नवोदय विद्यालय हरदौरापुर में हॉस्टल में पानी की समस्या को लेकर छात्रों के प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने व्यवस्थाओं की समीक्षा शुरू कर दी है। उधर, छात्रों का कहना है कि हॉस्टल में पानी की समस्या नई नहीं है। अक्सर पानी की समस्या रहती है। पानी नहीं मिलने पर छात्रों को करीब 200 मीटर दूर लगे हैंडपंप का सहारा लेना पड़ता है। हैंडपंप तक पहुंचने का रास्ता झाड़ियों से होकर जाता है। बारिश में यहां सांप समेत अन्य जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है। छात्रों ने डीएम के सामने हॉस्टल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता का मुद्दा भी उठाया। इसके अलावा केमेस्ट्री के शिक्षकों की कमी की समस्या भी बताई। डीएम ने समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य को व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
छात्रों के प्रदर्शन के दौरान विद्यालय परिसर में मीडिया की आवाजाही रोकने का प्रयास किए जाने की बात सामने आई। छात्रों ने किसी तरह अपने परिजनों को प्रदर्शन की जानकारी दी, जिसके बाद मामला बाहर आया। बाद में डीएम के विद्यालय पहुंचने पर डीएम ने छात्रों की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर जानकारी साझा की। इस दौरान स्कूल प्रबंधन के लोग कुछ बोलने से कतराते रहे। स्कूल के जिम्मेदारों ने फोन तक नहीं उठाया।
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