समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 'चवन्नी को रुपया बना दिया' वाले बयान पर राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने जोरदार पलटवार किया है। जयंत चौधरी ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव को चेतावनी दी कि इस तरह का राजनीतिक अहंकार केवल पतन का कारण बनता है। जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए लिखा कि अगर राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में घटिया शब्दों का प्रयोग ही करना था तो उनका नाम लेकर हमला किया जा सकता था। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि इस बहाने जाट समुदाय को निशाना बनाना और "ABCD हमने सिखाई" जैसी बयानबाजी करना पूरी तरह गलत है।
आरएलडी प्रमुख ने कहा, "सियासत की लड़ाई में कुछ सस्ते शब्द बोलने ही थे तो मेरा नाम लेकर बोल देते, कोई बात नहीं थी… जाट समाज को टारगेट करना और कहना ABCD हमने सिखाई? मैं इस अहंकार को देख चुका हूं करीब से और मानता हूं ऐसा आचरण सिर्फ पतन लाता है!"
इस मुद्दे पर ओम प्रकाश राजभर नेकी भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, "अखिलेश यादव ने निश्चित रूप से जाट समुदाय का अपमान किया है। जाट समुदाय ने ही मुलायम सिंह जी को मुख्यमंत्री बनाया था और आज वे उसी जाट समुदाय के खिलाफ बातें कर रहे हैं। उन्हें अपने पिता का इतिहास पढ़ना चाहिए। अगर किसी ने उनके पिता को नेता बनाने का काम किया था, तो वे चौधरी चरण सिंह थे और अब वे उन्हीं पर और उसी समुदाय पर उंगली उठा रहे हैं। उन्हें इसके नतीजे भुगतने होंगे। हमारा कहना है कि उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। उन्हें खुद समझ नहीं आता कि वे किससे और कब क्या कह रहे हैं।"
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब अखिलेश यादव ने हाल ही में एक कार्यक्रम में बिना किसी का नाम लिए टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, "हम लोगों ने चवन्नी को रुपया बना दिया, फिर भी छोड़कर चले गए।" अखिलेश यादव का यह तंज जनवरी 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के समय दिए गए जयंत चौधरी के उस पुराने बयान से जोड़कर देखा गया जब दोनों दल गठबंधन में थे। तब जयंत चौधरी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ जाने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा था, "मैं कोई चवन्नी हूं जो पलट जाऊंगा?"
वर्ष 2022 का विधानसभा चुनाव सपा और आरएलडी ने साथ मिलकर लड़ा था। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आरएलडी ने सपा से अपना नाता तोड़ लिया और भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल हो गई। एनडीए की सरकार बनने के बाद जयंत चौधरी को मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री बनाया गया।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट समुदाय एक बेहद प्रभावशाली वर्ग माना जाता है। अगले वर्ष उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए इस बयानबाजी ने राजनीतिक पारे को बढ़ा दिया है। जयंत चौधरी के समर्थन में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने भी अखिलेश यादव के इस बयान की निंदा की है और इसे जाट समाज व पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की विरासत का अपमान बताते हुए उनसे माफी की मांग की है।
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