नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तक ‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’ में कई अहम बदलाव किए हैं। अब इतिहास के साथ‑साथ आधुनिक विकास, पर्सनल फाइनेंस, सरकारी नीतियां, इनकम‑टैक्स की गणना और भारतीय बिजनेस मॉडल्स को भी पढ़ाया जाएगा। लक्ष्य है कि बच्चे कम उम्र में ही वित्तीय रूप से जागरूक, जिम्मेदार नागरिक और राष्ट्र‑निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें।
इनकम‑टैक्स की बुनियादी समझ
पुस्तक के अध्याय 5 ‘मैनेजिंग योर पर्सनल फाइनेंसेज’ में छात्रों को आय‑कर स्लैब, टैक्स की गणना और समय पर टैक्स चुकाने की नागरिक जिम्मेदारी सिखाई जाएगी। उदाहरणों के माध्यम से यह बताया जाएगा कि टैक्स का उपयोग सार्वजनिक सेवाओं और विकास परियोजनाओं में कैसे होता है।
स्वास्थ्य बीमा के बारे में भी जानकारी दी जाएगी, जहाँ आयुष्मान भारत (AB‑PMJAY) योजना को केस स्टडी के रूप में उपयोग करके कम आय वाले परिवारों को मेडिकल इमरजेंसी में वित्तीय सुरक्षा मिलने की प्रक्रिया समझाई जाएगी।
शासन और सार्वजनिक नीति
अध्याय 4 ‘गवर्नेंस एंड पब्लिक पॉलिसी’ में भारत की शासन व्यवस्था को उसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ा गया है। राष्ट्रीय आदर्श वाक्य ‘सत्यमेव जयते’ और महाभारत के ‘यतो धर्मस्ततो जयः’ को शामिल किया गया है।
चोल राजवंश के ‘सेंगोल’ का उल्लेख और 2023 में नए संसद भवन में इसकी स्थापना को विशेष रूप से उजागर किया गया है। बरगद के पेड़ की छवि के माध्यम से गुड गवर्नेंस के सात स्तंभ – भागीदारी, कानून का शासन, जवाबदेही, प्रभावशीलता, समावेशिता, उत्तरदायित्व और पारदर्शिता – समझाए गए हैं।
नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP 2020) और ‘खेलो भारत नीति 2025’ को उदाहरण के तौर पर लेकर यह बताया गया है कि नीतियां कैसे बनती हैं और खेल कैसे राष्ट्र निर्माण में योगदान देते हैं।
उद्यमिता के उदाहरण
अध्याय 6 ‘फ्रॉम आइडियाज़ टू स्टार्टअप्स’ में भारतीय उद्यमियों की प्रेरक कहानियों को शामिल किया गया है। 1959 में सात गृहिणियों ने 80 रुपए की पूंजी से शुरू किया ‘श्री महिला गृह उद्योग लिज्जत पापड़’ आज 45 हज़ार से अधिक महिला सदस्यों के साथ 1,600 करोड़ रुपये का सहकारी व्यापार बन गया है।
मोहन सिंह ओबेरॉय की कहानी भी पढ़ाई जाएगी – 50 रुपए की मासिक सैलरी पर होटल क्लर्क से लेकर भारत की सबसे बड़ी होटल चेन बनाने तक का सफर।
तमिलनाडु के चेट्टियार समुदाय की पारम्परिक बैंकिंग, आपसी भरोसे पर आधारित कर्ज और दक्षिण‑पूर्व एशिया तक फैले उनके व्यापारिक नेटवर्क को भी छात्रों को परिचित कराया जाएगा।
स्टार्ट‑अप और ‘विकसित भारत 2047’
स्वामी विवेकानंद के विचारों से शुरू होने वाले इस खंड में भारत के 120 से अधिक यूनिकॉर्न स्टार्ट‑अप्स का उल्लेख है। ई‑कॉमर्स, फिनटेक, एग्रीटेक और हेल्थकेयर जैसे सेक्टरों में इन कंपनियों का आर्थिक योगदान, रोजगार सृजन, इनोवेशन और CSR की भूमिका पर प्रकाश डाला गया है। साथ ही ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय लक्ष्यों से इन स्टार्ट‑अप्स को जोड़ते हुए बताया गया है कि व्यवसाय सिर्फ मुनाफा नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी निभाते हैं।
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