सोचिए, आप पहाड़ पर चढ़ाई करने गए हों और किसी हादसे की वजह से अपना बैग ग्लेशियर की दरार में छोड़कर लौट आएं. आपको शायद लगेगा कि वह सामान हमेशा के लिए खो गया. लेकिन ऑस्ट्रिया में एक 86 साल के बुजुर्ग के साथ कुछ ऐसा हुआ, जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. करीब 63 साल पहले ग्लेशियर में छूटा उनका बैकपैक बर्फ पिघलने के बाद फिर से बाहर आ गया और अब वह उन्हें वापस मिल गया है.
यह मामला ऑस्ट्रिया के पश्चिमी टायरोल इलाके के एक ग्लेशियर का है. पिछले महीने करीब 3,000 मीटर की ऊंचाई पर एक हाइकर को ग्लेशियर पर एक पुराना बैकपैक पड़ा मिला. बैग काफी पुराना था, लेकिन उसके अंदर रखी कई चीजें बर्फ में दशकों तक सुरक्षित रही थीं.
बैग में मिलीं 60 साल पुरानी चीजें जब बैग को खोला गया तो उसमें पर्वतारोहण से जुड़ा सामान मिला. इसमें एक आइस एक्स, कैमरा, सीटी और पुराना दस्तावेजों का फोल्डर शामिल था. सामान देखकर पुलिस को शक हुआ कि यह किसी पुराने पर्वतारोहण हादसे से जुड़ा हो सकता है. पुलिस ने बैग की जांच शुरू की. अंदर रखे दस्तावेजों में एक नाम दिखाई दिया. इसी सुराग के जरिए पुलिस बैग के मालिक तक पहुंच गई. जांच में पता चला कि यह बैग एक ऐसे पर्वतारोही का था, जो अगस्त 1963 में ग्लेशियर पर चढ़ाई करने गया था.
क्रेवास में गिर गया था पर्वतारोही 1963 में वह अपने कुछ साथियों के साथ ग्लेशियर पार कर रहा था. इसी दौरान वह बर्फ की एक गहरी दरार यानी क्रेवास में गिर गया. वह अपने साथियों के साथ रस्सी से बंधा हुआ था. साथियों ने मिलकर उसे किसी तरह बाहर खींच लिया.
लेकिन खुद को बचाने के लिए उसे अपना वजन कम करना पड़ा. इसलिए उसने अपना बैकपैक वहीं छोड़ दिया. इसके बाद वह वापस लौट आया और बैग ग्लेशियर की बर्फ में कहीं दब गया. उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यह सामान कभी वापस भी मिलेगा.
बर्फ पिघली तो 63 साल बाद सामने आया बैग समय बीतता गया और ग्लेशियर की बर्फ पिघलती रही. आखिरकार करीब 63 साल बाद बर्फ ने उस पुराने बैग को फिर से बाहर ला दिया. पिछले महीने एक हाइकर की नजर इस पर पड़ी. उसने इसकी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने सामान की जांच की और उसके मालिक का पता लगाया.
86 साल के पर्वतारोही के लिए यह किसी पुराने दौर की याद वापस आने जैसा था. हालांकि, खराब स्वास्थ्य की वजह से वह खुद जाकर अपना सामान नहीं ले सके. इसलिए पुलिस ने यह सामान उनके बेटे को सौंप दिया. पुलिस के बयान के मुताबिक, बुजुर्ग के बेटे ने बैग और उसके अंदर मिली चीजों को वापस पाने पर आभार जताया.
ग्लेशियर सिर्फ बर्फ नहीं, इतिहास भी संभालकर रखते हैं यह घटना एक और दिलचस्प बात की ओर इशारा करती है. ग्लेशियरों के अंदर कई दशकों या सदियों पुरानी चीजें बर्फ में दबी रह सकती हैं. लेकिन जैसे-जैसे धरती गर्म हो रही है और ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं, ये चीजें धीरे-धीरे सतह पर आने लगी हैं.
पिछले साल प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, अगर इंसान इसी तरह जलवायु प्रदूषण बढ़ाते रहे तो सदी के मध्य तक हर साल 4,000 तक ग्लेशियर खत्म होने का खतरा हो सकता है.
5,300 साल पुरानी ममी भी बर्फ से मिली थी ग्लेशियर से पुरानी चीज मिलने का यह पहला मामला नहीं है. साल 1991 में इटली के आल्प्स में हाइकर्स को 'ओत्जी द आइसमैन' का शव मिला था. वैज्ञानिकों के मुताबिक, ओत्जी करीब 5,300 साल पहले मरा था और उसका शरीर हजारों साल तक बर्फ में सुरक्षित रहा.
यानी ग्लेशियर कभी-कभी अपने अंदर छिपी ऐसी चीजें भी वापस कर देते हैं, जिन्हें इंसान दशकों या हजारों साल पहले खो चुका होता है. ऑस्ट्रिया के इस 86 साल के पर्वतारोही का बैग भी कुछ ऐसा ही 'समय का कैप्सूल' बन गया था, जो छह दशक से ज्यादा समय बाद अपने मालिक तक लौट आया.
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