गयाजी जिला मुख्यालय से महज 14 किलोमीटर दूर कईया पंचायत का गोपाल नगर गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। करीब 70 से 75 घरों की आबादी वाला यह महादलित टोला बरसात आते ही शहर और पंचायत मुख्यालय से कट जाता है। सोत पईन में पानी भरते ही बच्चों की पढ़ाई रुक जाती है, मरीजों को खाट पर ढोकर अस्पताल ले जाना पड़ता है और ग्रामीण तीन महीने तक मुश्किलों के बीच जीवन बिताने को मजबूर हो जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क और पुल की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है सबसे ज्यादा असर गांव की रहने वाली गुलाबी देवी ने बताया कि बरसात में सोत पईन में पानी आने के बाद गांव का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। बच्चों का तीन महीने तक स्कूल जाना बंद हो जाता है। यदि किसी गर्भवती महिला की तबीयत बिगड़ जाए या प्रसव का समय आ जाए तो उसे खाट पर लिटाकर पानी पार कर अस्पताल ले जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों से नेता और अधिकारियों को आवेदन देते आ रहे हैं, लेकिन हर बार सिर्फ ‘हो जाएगा’ का आश्वासन मिलता है। उन्होंने सरकार से जल्द पुलिया और सड़क बनाने की मांग की।
पानी में उतरकर स्कूल जाने से लगता है डर गांव की छात्रा रजनी कुमारी ने बताया कि स्कूल गांव से काफी दूर है। बरसात के दिनों में पुल नहीं होने के कारण तीन महीने तक स्कूल जाना बंद करना पड़ता है। कभी मजबूरी में पानी पार कर जाना पड़ता है तो डर बना रहता है। उन्होंने जिला प्रशासन से पुलिया और सड़क बनवाने की अपील करते हुए कहा कि इससे गांव के बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा।
एक बच्चे की डूबने से हो चुकी है मौत ग्रामीण गोपाल पासवान ने बताया कि गांव में आज तक न सड़क बनी और न ही नहर पर पुल। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में एक बच्चा स्कूल जाते समय पानी में डूब गया था। बरसात में सांप-बिच्छू का भी खतरा बना रहता है। गांव में पेयजल के लिए बनाई गई पानी की टंकी भी अधूरी पड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही गांव को भुला दिया जाता है। उन्होंने पुलिया, सड़क और गांव में स्कूल भवन बनाने की मांग की।
सरकारी जमीन नहीं, इसलिए अटका है काम इस मामले में कईया पंचायत के मुखिया विजय ठाकुर ने कहा कि पंचायत में सड़क, आवास योजना और पंचायत भवन सहित कई विकास कार्य कराए गए हैं। गोपाल नगर में सड़क नहीं बनने की वजह सरकारी जमीन का अभाव है। उन्होंने कहा कि दूसरे की जमीन पर सड़क नहीं बनाई जा सकती। हालांकि, कॉलोनी निर्माण के साथ आगे चलकर गांव तक सड़क पहुंच जाएगी।
पुलिया निर्माण के सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल पर्याप्त फंड नहीं है, लेकिन प्रधानमंत्री की नई योजना के तहत प्रस्ताव तैयार है। उनका दावा है कि अगले एक वर्ष के भीतर सोत पईन पर पुलिया का निर्माण शुरू होगा। इससे 50 से 60 महादलित परिवारों की सबसे बड़ी समस्या दूर होगी और बरसात में डूबने जैसी घटनाओं पर भी रोक लगेगी।
गोपाल नगर गांव में सोत पईन पर पुल नहीं होने से बरसात में ग्रामीणों की बढ़ जाती है परेशानी।
स्कूली बच्चे कुछ इस तरह सफर करते हुए।
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