बिहार के मधुबनी जिले के बाबूबरही प्रखंड स्थित बलिराजगढ़ में हुई घटना को जिला प्रशासन ने बेहद दुखद और गंभीर बताया है। मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आरोपी के खिलाफ बाबूबरही थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। वहीं, फरार आरोपी की गिरफ्तारी में मदद करने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है।
धरना स्थल पहुंचे डीएम और एसएसपी, पीड़ित परिवार को दिया न्याय का भरोसा
मंगलवार को जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक खोजपुर चौराहा स्थित धरना स्थल पहुंचे। यहां उन्होंने धरने पर बैठे लोगों और स्थानीय नागरिकों से मुलाकात की। अधिकारियों ने लोगों की बातें सुनीं और घटना को लेकर उनकी भावनाओं तथा चिंताओं को समझा। इस दौरान घटना से बेहद दुखी एक वृद्ध महिला जिलाधिकारी को पकड़कर बिलखने लगीं। जिलाधिकारी ने उन्हें ढांढस बंधाया और भरोसा दिलाया कि पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रहा है।
एएसआई निलंबित, हत्या का मुकदमा दर्ज; गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित
घटना की जानकारी मिलते ही वरीय पुलिस अधीक्षक सदर अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने पीड़ित और उनके परिजनों से मुलाकात कर बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित एएसआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। आरोपी के खिलाफ बाबूबरही थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। फरार एएसआई की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं, ताकि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। प्रशासन ने फरार आरोपी की गिरफ्तारी में सहयोग करने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की भी घोषणा की है। पुलिस को आरोपी की तलाश में पूरी तरह सक्रिय बताया गया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि मामले में किसी भी तरह की शिथिलता नहीं बरती जाएगी।
स्पीडी ट्रायल के जरिए दिलाई जाएगी कड़ी सजा
जिला प्रशासन ने मामले में प्रभावी और विधिसम्मत पैरवी सुनिश्चित करने की बात कही है। प्रशासन के अनुसार, आरोपी को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए स्पीडी ट्रायल के माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। प्रशासन ने कहा है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए जांच से लेकर न्यायिक प्रक्रिया तक हर स्तर पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
पीड़ित परिवार को 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता
पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक मदद उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी ने संवेदनशील पहल की है। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत परिवार को 20 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है। इसके अलावा कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत निर्धारित सहायता राशि जल्द उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पीड़ित परिवार को नियमानुसार मिलने वाली सभी सरकारी सहायता और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। इसका उद्देश्य इस मुश्किल समय में परिवार को जरूरी आर्थिक संबल देना है।
अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील
घटना के बाद जिला प्रशासन ने आम लोगों से शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। जिलाधिकारी ने कहा कि लोग किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें। सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट खबरों और भड़काऊ संदेशों से भी बचें। उन्होंने नागरिकों से आपसी भाईचारा बनाए रखने और कानून-व्यवस्था कायम रखने में जिला प्रशासन तथा पुलिस को सहयोग देने की अपील की। जिलाधिकारी ने दोहराया कि प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ा है और मामले में कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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