बिहार के गोपालपुर के सवनहीं जगदीश गांव में निर्माणाधीन शौचालय की टंकी में शटरिंग खोलने के दौरान जहरीली गैस से दम घुटकर ठेकेदार समेत चार मजदूरों की मौत हो गई। मृत मजदूरों में उमेश यादव , जावेद आलम,राकेश बैठा और गिदहा गांव के सफी आलम शामिल हैं। पहले मजदूर को बचाने के लिए एक के बाद एक टंकी में उतरे तो बाहर नहीं आए। घटना से इलाके में कोहराम मच गया।
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार हकीक अहमद ने दो शौचालयों का निर्माण कराया है। करीब पंद्रह दिन पहले दोनों टंकियों की ढलाई हुई थी। शनिवार को श्रीपुर थाना क्षेत्र के सवनहीं बाजार निवासी ठेकेदार जावेद आलम मजदूरों को लेकर ढलाई का शटरिंग खोलने पहुंचा। एक टंकी का ढक्कन पहले से खुला था। मजदूरों ने उसमें उतरकर शटरिंग को खोल दिया। इसके बाद दूसरी टंकी, जिसका ढक्कन बंद था, उसमें शटरिंग हटाने के लिए सबसे पहले सफी आलम अंदर घुसा। उसके काफी देर तक बाहर नहीं निकलने और अंदर से कोई आवाज नहीं आने पर एक-एक करके तीन अन्य मजदूर भी टंकी के भीतर उतर गए। इस दौरान अंदर भरी जहरीली गैस से चारों की दम घुटने से मौत हो गई। बाहर खड़े एक अन्य मजदूर सेराज भी अंदर गया तो उसका भी दम घुटने लगा। लेकिन, उसे ग्रामीणों ने किसी तरह बाहर निकाल लिया। डीएम समीर सौरभ ने घटना की जांच करने का आदेश दिया है। जांच के लिए सदर एसडीएम डॉ. प्रेरणा सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई है।
1. सफी आलम (18), पिता-सुल्तान आलम, ग्राम-गीदहा
2. राकेश बैठा (28), पिता-रामचन्द्र बैठा, ग्राम-सवनहीं पट्टी
3. उमेश यादव (35), पिता-स्व. विश्वनाथ यादव, ग्राम-सवनहीं वृत्त
4. जावेद आलम (31), पिता-ग्यासुद्दीन मियां, ग्राम-सवनहीं बाजार
गोपालपुर थाने का सवनही जगदीश गांव। सुबह के करीब 11 बजे थे। गांव के हकीक अहमद के मकान में निर्माण कार्य चल रहा था। कुछ मजदूर छत पर सरिया का काम कर रहे थे, जबकि कुछ पूर्व में बनाए गए दो शौचालयों की टंकी में लगाए गए शटरिंग को खोल रहे थे। मजदूरों ने पहले एक शौचालय की टंकी में लगाए गए बांस-बल्ला, पटरा, लोहा समेत अन्य सामानों को खोल दिया।
इसके बाद दूसरे शौचालय की टंकी का ढक्कन खोलकर शटरिंग हटाने की तैयारी करने लगे। टंकी का ढक्कन खुलने के बाद ठेकेदार जावेद आलम ने मजदूर सफी आलम को अंदर भेज दिया। अंदर जाने के बाद सफी अभी कुछ समझ पाता, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। बाहर खड़े ठेकेदार और मजदूरों को इसकी तनिक भी भनक नहीं लगी कि अंदर सफी की दम घुटने से मौत हो गई है।
मजदूरों के बाहर नहीं निकलने पर ठेकेदार जावेद खुद टंकी के अंदर प्रवेश कर गया। कुछ देर तक उसकी भी कोई खबर नहीं मिली तो टंकी के ऊपर खड़ा उमेश नामक मजदूर उसे देखने के लिए भीतर गया। वह भी उसी में समा गया। ठेकेदार समेत दो मजदूरों के अंदर जाने के बाद कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो चौथा मजदूर राकेश बैठा उर्फ बंटी उन्हें देखने के लिए गया। वह भी बाहर नहीं निकल पाया।
समीप में बंटी का भाई भी मजदूरी कर रहा था। उसने ठेकेदार समेत चारों को अंदर कूदते हुए देखा था, मगर बाहर निकलते नहीं देखा और न ही उनकी कोई गतिविधि नजर आ रही थी। ऐसे में उसने हल्ला करना शुरू किया तो लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसके बाद पता चला कि महज 20 मिनट के अंदर ही ठेकेदार समेत चार मजदूरों की एक-एक कर सांसें थम गई थीं।
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