बिहार के सुपौल जिले के एक निजी मदरसे में मां का दिया समोसा-मिठाई खाने के बाद मंगलवार सुबह एक छात्रा की मौत हो गई जबकि उसकी तीन अन्य सहेलियां गंभीर रूप से बीमार हो गईं। बीमार छात्राओं का इलाज किया जा रहा है। घटना बसबिट्टी वार्ड -19 में जामियअतुस सालिहात एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा संचालित मदरसे में हुई। मृतका की पहचान नेमुआ निवासी कमरे आलम की बेटी अल्फिशा (10 वर्ष) के रूप में हुई है। एसपी शरथ आरएस ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। निजी क्लीनिक के डॉक्टर ने बताया कि भर्ती छात्राओं में फूड प्वाइजनिंग के लक्षण पाए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। मदरसा संचालक खलील रहमान ने बताया कि अल्फिशा की मां सोमवार को अपनी बेटी से मिलने मदरसे में आई थीं।
उन्होंने बच्ची को मिठाई और समोसा दिया और वहां से चली गईं। अल्फिशा ने खुद तो वह मिठाई-समोसा खाया ही, अपनी सहेलियों आफिया, सहाना खातून और हलीमा सादिया को भी खाने को दिया। इसके थोड़ी देर बाद से ही अल्फिशा और उसकी सहेलियों की हालत बिगड़ने लगी। तब चारों को मंगलवार सुबह करीब आठ बजे एक निजी क्लीनिक में ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान अल्फिशा की मौत हो गई। अन्य छात्राओं का उपचार अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। उधर, मृतका अल्फिशा की मां साजदा खातून ने बताया कि मंगलवार सुबह छह बजे मदरसा से फोन आया कि बच्ची को उल्टी हुई है, बेहोश है। सूचना पर वह मदरसा पहुंची तो उनकी बेटी बेहोश थी। मां का आरोप है कि उनकी बेटी को जहर खिलाकर मारा गया है या फिर उसे फंदा लगाकर मारा गया है।
इधऱ इस मौत के बाद सुपौल जिले में संचालित असंख्य निजी शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों की सुरक्षा सवालों के घेरे में आ गई है। वजह भले ही अलग-अलग हो लेकिन दो दिनों में होनहारों की मौत ने उनके अभिभावकों के साथ-साथ आमलोगों को भी झकझोर दिया है। अभी रविवार को एक निजी स्कूल के छात्रावास में रहने वालो होनहार छात्र प्रियांशु की मौत की घटना सुलग ही रही थी कि मंगलवार को मदरसा में एक बच्ची की मौत और तीन अन्य के बीमार होने की घटना से पूरे जिले में सनसनी फैल गई है। इस तरह की हर घटना के बाद प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग जांच करता है, कई तरह के निर्देश देता है लेकिन बार-बार इस तरह की घटना का होना जाहिर करता है कि सबकुछ हवा-हवाई ही हो रहा है। सदर एसडीपीओ ने भी मदरसा प्रबंधन से पूछताछ की है। पुलिस छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के कारण, खाने की गुणवत्ता और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। मृत छात्रा के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है।
सदर एसडीएम मनोहर कुमार साह ने बताया कि सूचना मिलने के बाद वे एसडीपीओ और थाना प्रभारी के साथ मदरसे पहुंचे। उन्होंने बताया कि मदरसे में बड़ी संख्या में छात्राएं आवासीय रूप से रह रही हैं। एक छात्रा की मौत हुई है, जबकि दो-तीन अन्य छात्राओं के विभिन्न अस्पतालों में उपचाररत होने की जानकारी मिली है। प्रशासन उनके स्वास्थ्य की स्थिति पर नजर रख रहा है। एसडीएम के अनुसार, जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से डीपीओ सहित संबंधित पदाधिकारी मदरसे के दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। यह भी देखा जा रहा है कि संस्था को छात्राओं को आवासीय रूप से रखने की अनुमति प्राप्त है या नहीं तथा छात्राओं के आवासीय संचालन से जुड़े निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम सावन कुमार के निर्देश पर जिला शिक्षा कार्यालय की टीम मदरसे पहुंची। अधिकारियों ने संस्था के संचालन, उपलब्ध सुविधाओं, छात्राओं के रहने की व्यवस्था और संबंधित दस्तावेजों की जानकारी जुटाई। सदर डीएसपी के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर मामला फूड प्वाइजनिंग का प्रतीत हो रहा है, लेकिन छात्राओं की तबीयत बिगड़ने और एक छात्रा की मौत की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
एसपी शरथ आरएस ने बताया कि पुलिस को बसबिट्टी स्थित एक मदरसे में पढ़ने वाली एक बच्ची की मौत की सूचना मिली थी। एक अन्य बच्ची के गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिली, जबकि दो-तीन अन्य बच्चों के भी अस्पताल में भर्ती होने की सूचना है। डॉक्टरों से बातचीत और जांच के बाद ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने के वास्तविक कारणों की जानकारी सामने आएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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