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पहाड़ जहां आसमान को छूते हैं और जिंदगी कठिन रास्तों से होकर आगे बढ़ती है, उसी लद्दाख में शनिवार को प्रतिभा और सपनों का उत्सव सजा। लेह में पहली बार आयोजित अमर उजाला भविष्य ज्योति सम्मान समारोह में लद्दाख के कोने-कोने से 326 मेधावी पहुंचे। अपने बच्चों की उपलब्धि पर गर्व से भरे अभिभावकों और सम्मान पाकर दमकते चेहरों ने समारोह को यादगार बना दिया। इन होनहारों की मेहनत को सलाम करता यह आयोजन उनके लिए सिर्फ सम्मान का अवसर नहीं था, बल्कि लद्दाख की ऊंचाइयों से भी आगे अपने सपनों को ले जाने की प्रेरणा बना।
लद्दाख के शिक्षा निदेशक त्सेरिंग पालदन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, लेह के सहायक पुलिस अधीक्षक कोय्ये चिट्टी राजू और राष्ट्र्रीय रक्षा विश्वविद्यालय लद्दाख कैंपस के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. सुब्रत शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। समारोह में सभी मेधावी विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र, पदक और शब्दकोश प्रदान किए गए। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और दूरियों के बावजूद बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और अभिभावकों की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया।
दक्षता आधारित शिक्षा की ओर बढ़ रहा लद्दाख : पालदन शिक्षा निदेशक ने शिक्षक दिवस पर सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं और परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य विद्यार्थियों की उपलब्धियों को सम्मान देना ही नहीं, बल्कि उन्हें आगे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना भी है। उन्होंने बताया कि लद्दाख में बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पहले जहां उत्तीर्ण प्रतिशत करीब 5-6 प्रतिशत रहता था, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 60 से 80 प्रतिशत तक पहुंच गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने अनुभवात्मक और गतिविधि आधारित शिक्षा पर जोर दिया।
कॅरिअर चुनने से पहले सोचें, अच्छा इंसान बनना सबसे जरूरी : एएसपी राजू लेह के सहायक पुलिस अधीक्षक कोय्ये चिट्टी राजू ने विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों पर बधाई देते हुए कहा कि सफलता मेहनत, लगन, दृढ़ता और सकारात्मक सोच का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों से अब तक की सफलता को अपनी लंबी यात्रा की शुरुआत मानने और भविष्य के लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। राजू ने कहा कि विद्यार्थियों के सामने आज कॅरिअर के अनेक विकल्प हैं। उन्हें सामाजिक दबाव में आकर नहीं, बल्कि अपनी रुचि और क्षमता को ध्यान में रखकर कॅरिअर चुनना चाहिए। व्यवसाय, चिकित्सा, इंजीनियरिंग समेत किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ा जा सकता है, लेकिन सबसे जरूरी है एक अच्छा इंसान बनना। उन्होंने विद्यार्थियों से माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान करने तथा उनके अनुभव और मार्गदर्शन को महत्व देने का आह्वान किया। सामाजिक दबाव में नहीं, रुचि के अनुसार चुनें कॅरिअर : डॉ. शर्मा डॉ. सुब्रत शर्मा ने विद्यार्थियों से अपनी रुचि और जुनून के अनुसार कॅरिअर चुनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए दृढ़ संकल्प और लक्ष्य हासिल करने की इच्छाशक्ति जरूरी है। फिल्म 3 इडियट्स का उदाहरण देते हुए कहा कि कॅरिअर का चुनाव समाज या परिवार के दबाव में नहीं, बल्कि अपनी रुचि और क्षमता को समझकर करना चाहिए। शिक्षा केवल डिग्री और प्रमाणपत्र हासिल करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। विद्यार्थियों को ज्ञान को व्यावहारिक जीवन में इस्तेमाल करना और तार्किक सोच विकसित करना सीखना चाहिए।
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