नेपाल में प्रलंयकारी बाढ़ से बिहार की नदियों में भी बाढ़ की आशंका के मद्देनजर सतर्कता बढ़ा दी गई है। गंडक नदी से सीधे प्रभावित आठ जिलों में विशेष चौकसी बरती जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की और बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में लगातार नजर रखने का निर्देश दिया है। उधर, कोसी और बागमती से सटे इलाकों में भी सतर्कता बरती जा रही है। गंडक प्रभावित जिलों के निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। तटबंधों की 24 घंटे निगरानी कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि नेपाल की स्थिति को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतें। विशेषकर गंडक नदी से जुड़े पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली जिलों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहे। इसके अलावा सीतामढ़ी और शिवहर आदि संवेदनशील जिलों में भी स्थिति पर लगातार निगरानी रखें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि सभी तटबंधों एवं बांधों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनकी निगरानी की जाए। तटबंधों की मजबूती सुनिश्चित करने के साथ-साथ किसी भी कमजोर हिस्से पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने बांधों एवं तटबंधों पर विशेष नाइट पेट्रोलिंग कराने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील एवं प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन द्वारा लाउडस्पीकर/माइक के माध्यम से लोगों को आवश्यक सूचना दें और संभावित खतरे को लेकर उन्हें सचेत करें। एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमें तैनात रखें। राहत एवं बचाव कार्य में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह आदि उपस्थित थे।
गंडक का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। पश्चिम चंपारण से 5000 लोगों को निकाला गया। वाल्मीकिनगर, बगहा-1, बगहा-2, पिपरासी, भितहा, मधुबनी, ठकराहा, योगापट्टी, बैरिया और नौतन में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। लोग शिविर तक पहुंचाए जा रहे हैं।
पटना। आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा ने बुधवार को कहा कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। सामुदायिक किचन, पशु चारा, सूखा राशन, चिकित्सीय सहायता सहित अन्य आवश्यक राहत सामग्रियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। विभाग पैनी नजर रख रहा है। मंत्री जदयू दफ्तर में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
शाम 7.30 बजे - 1,04,400 क्यूसेक
रात 9.00 बजे - 1,26,500 क्यूसेक
रात 10.00 बजे - 1,42,100 क्यूसेक
रात 11.00 बजे - 1,50,200 क्यूसेक
रात 12.30 बजे - 1,42,100 क्यूसेक
रात 01.00 बजे - 1,29,000 क्यूसेक
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