मेरठ के चर्चित ‘नीला ड्रम’ हत्याकांड में जिला जज की अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को सौरभ राजपूत की हत्या का दोषी करार दिया है। दोनों को दोषी ठहराया गया, लेकिन अभी तक सजा का ऐलान नहीं किया गया; अदालत ने लगभग 15 दिनों के भीतर सजा सुनाने की तारीख तय करने का संकेत दिया।
अभियोजन पक्ष के वकील के.के. चौबे ने कहा कि प्रस्तुत साक्ष्य पर्याप्त थे और दोनों ने हत्या के बाद सबूत छिपाने का भी अपराध किया है। अदालत ने दोनों को बताया कि वे अब दोषसिद्ध हैं और सजा के बिंदु पर उन्हें सुनवाई के दौरान अपना बयान देने का अवसर मिलेगा। दोनों ने कहा कि उनका कहना कुछ नहीं है।
अदालत ने इस प्रकार के अपराधों के सामाजिक प्रभाव पर भी प्रकाश डाला, सुप्रीम कोर्ट के संबंधित फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में कड़ी सजा अनिवार्य है ताकि कानून का माहौल बना रहे और समाज में गलत संदेश न फैले।
मामले की पृष्ठभूमि इस प्रकार है: 3 मार्च 2025 को मुस्कान और साहिल ने सौरभ राजपूत की हत्या कर दी, शरीर को चार टुकड़ों में काट कर नीले ड्रम में पैक कर दिया और ऊपर से सीमेंट भर कर सील कर दिया। पुलिस ने लगभग 15 दिनों में दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जुलाई 2025 में जिला जज की अदालत में ट्रायल शुरू हुआ, जिसमें 1,000 पृष्ठों की चार्जशीट, 22 से अधिक गवाहों के बयान और कई साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। 19 सितंबर को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया, लेकिन सजा की तारीख अभी तय नहीं हुई।
घटनाक्रम की टाइमलाइन: सौरभ राजपूत 24 फरवरी 2025 को लंदन से मेरठ लौटे, 25 फरवरी को उनकी पत्नी मुस्कान ने घर में पार्टी रखी, 28 फरवरी को बेटी पीहू का जन्मदिन मनाया गया। 3 मार्च को मुस्कान ने सौरभ को नींद की दवा दी, फिर साहिल को बुलाया गया और हत्या के बाद शरीर को ड्रम में पैक किया गया। 4 मार्च को मुस्कान अपनी बेटी को माँ के घर छोड़कर हिमाचल चली गई, 17 मार्च को वह वापस आई और परिवार को घटना की सूचना दी। 18 मार्च को पुलिस ने इंद्रानगर स्थित घर में ड्रम में सौरभ की बॉडी पाई और दोनों को गिरफ्तार किया।
जांच के दौरान कई अहम मोड़ आए: 12 मई को 1,000 पृष्ठों की चार्जशीट दाखिल हुई, जिसमें 34 गवाहों के बयान शामिल थे। 17 जून को दोनों पर हत्या और सबूत मिटाने के आरोप तय हुए और ट्रायल शुरू हुआ। 4 जुलाई को सौरभ के भाई बबलू की गवाही सुनवाई में पेश हुई, इसके बाद जुलाई‑नवंबर के बीच कई गवाहों के बयान दर्ज हुए। 19 दिसंबर को नीला ड्रम और ट्रॉली बैग को प्रमुख सबूत के रूप में पेश किया गया। 23 जनवरी 2026 को जियो के नोडल अधिकारी ने कॉल डिटेल, चैट और मोबाइल लोकेशन की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की। 21 अप्रैल को दोनों ने 32 साल की सजा वाले आरोपों को मानने से इनकार किया।
अब अदालत ने सजा सुनाने की तारीख लगभग 15 दिनों के भीतर तय करने का संकेत दिया है। अभियोजन पक्ष अधिकतम सजा की मांग करेगा, जबकि अंतिम निर्णय अदालत के विवेक पर रहेगा।
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