राजस्थान के 147 शहरी स्थानीय निकायों में दूसरे व अंतिम चरण का मतदान शुक्रवार को समाप्त हुआ। कुल 87,63,595 पात्र मतदाताओं में से 6 बजे तक 61,35,153 ने अपना वोट डाल दिया, जिससे कुल मतदान प्रतिशत 70.01% रहा।
हालांकि, कई मतदान केंद्रों पर EVM की तकनीकी खराबी, BLO सूची में नाम न मिलना, फर्जी वोटिंग के आरोप और बिखरी हुई झड़पों ने प्रक्रिया को बाधित किया।
दूसरे चरण में छह नगर निगमों में मतदान हुआ। अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, जोधपुर में 71.10%, पाली में 70.94%, उदयपुर में 67.26% मतदान हुआ। अजमेर 63.65%, जयपुर 62.88% और कोटा में सबसे कम 57.02% वोट दर्ज हुए। बालोतरा जिले की धोरीमन्ना नगर पालिका में 91.59% तक की सबसे अधिक भागीदारी रही, जबकि कई छोटी नगर पालिकाओं में 85% से अधिक मतदान हुआ।
EVM की खराबी के कारण जयपुर, झुंझुनू, कोटा, पुष्कर आदि जगहों पर मतदान में रुकावट आई। कोटा के वार्ड 22 के बूथ नंबर 2 में EVM खराब होने से वोटिंग कुछ समय के लिए रुक गई। उसी वार्ड के अन्य बूथों में BLO सूची के साथ नाम मिलान न होने की वजह से कई मतदाता अपना अधिकार नहीं इस्तेमाल कर सके।
वोटिंग के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में झड़पें भी दर्ज हुईं। सीकर नगर परिषद के वार्ड 15 में कांग्रेस और भाजपा के समर्थकों के बीच टकराव हुआ, जहाँ पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। सादुलशहर नगर पालिका के एक बूथ में निर्दलीय उम्मीदवार ने भाजपा विधायक के समर्थकों पर मारपीट का आरोप लगाया।
जयपुर में वार्ड 62 के बूथ नंबर 23 पर फर्जी वोटिंग के आरोपों से हंगामा हुआ। झुंझुनू के चिड़ावा वार्ड 26 में दो प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच खूनी टकराव हुआ, जिसमें भाजपा प्रत्याशी के बेटे को सिर में चोट लगी। जयपुर के वार्ड 114 में एक निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थकों ने कांग्रेस प्रत्याशी की उपस्थिति पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसे बाद में पुलिस ने संभाल लिया।
लोकसभा स्पीकर एवं कोटा‑बूंदी सांसद ओम बिरला ने कोटा के शक्ति नगर स्थित मतदान केंद्र पर वोट डाला और कहा कि व्यापक जनभागीदारी लोकतंत्र को अधिक जवाबदेह बनाती है। वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर के जगतपुरा स्थित नवोदय शिक्षक प्रशिक्षण कॉलेज के केंद्र पर सपरिवार मतदान किया, यह कहते हुए कि मतदान नागरिकों का कर्तव्य है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर के महामंदिर इलाके में परिवार के साथ वोट डाला। गहलोत ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ ताकतें संविधान को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। भाजपा ने जोधपुर के चुनाव अधिकारी को शिकायत की कि वार्ड 82 के मतदान केंद्र पर एक चुनाव कर्मी ने गहलोत के पैर छुए, जो आचार संहिता का उल्लंघन है।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट की देरी पर सरकार को फटकार मिलने के बाद ही निकाय चुनाव संभव हो पाए। उन्होंने कहा कि परिणाम बीजेपी सरकार के कामकाज का मूल्यांकन करेंगे। वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पाली के सुमेरपुर में अपना वोट डाला।
इस चरण में जयपुर नगर निगम 150 वार्डों के साथ सबसे बड़ा निकाय रहा, जिसमें 24.33 लाख मतदाता, 2,256 बूथ और 723 प्रत्याशी शामिल थे। पहले चरण में 9 सितंबर को 162 निकायों में 76.41% मतदान हुआ था। राज्य के कुल 309 निकायों के दो चरणों के चुनाव समाप्त हो चुके हैं। पार्षदों के पदों की मतगणना 14 सितंबर को होगी, इसके बाद 21 सितंबर को महापौर‑अध्यक्षों का चुनाव और 22 सितंबर को उपमहापौर‑उपाध्यक्ष‑पालिका उपाध्यक्षों का चुनाव निर्धारित है।
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