सारण में तटबंध टूटने के बाद छह प्रखंडों के 236 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। करीब 4.60 लाख आबादी और 1.04 लाख परिवार चपेट में हैं। 74,737 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। प्रशासन 128 नावों से राहत-बचाव में जुटा है।
सारण में तटबंध टूटने के बाद बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ रहा है। कई इलाकों में पानी फैलने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जिले के छह प्रखंडों की 42 पंचायतों के 236 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। करीब 4,60,963 आबादी और 1,04,043 परिवार बाढ़ की चपेट में हैं। सुरक्षा के मद्देनजर अब तक 74,737 लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में आवागमन और राहत-बचाव अभियान के लिए 128 नावों का परिचालन किया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को तत्काल खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए अब तक 51,413 फूड पैकेट और ड्राई राशन पैकेट वितरित किए गए हैं। प्रशासन के पास राहत कार्य के लिए 17,575 पॉलीथिन शीट उपलब्ध हैं, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में 55,718 पॉलीथिन शीट वितरित की जा चुकी हैं।
133 सामुदायिक रसोई में 4.51 लाख लोगों को भोजन बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जिले में 133 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इनके माध्यम से अब तक 4,51,538 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में खाद्यान्न की आपूर्ति भी लगातार सुनिश्चित की जा रही है।
54 चिकित्सा शिविरों में 14 हजार से अधिक मरीजों का इलाज स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रखने के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 54 चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में अब तक 14,012 मरीजों का उपचार किया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से रेस्क्यू की गई आठ गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य दल की निगरानी में संस्थागत प्रसव भी कराया गया है।
पशुओं के लिए चारा और इलाज की व्यवस्था बाढ़ प्रभावित पशुपालकों को राहत देने के लिए नौ पशु चिकित्सा शिविर चलाए जा रहे हैं। इनके माध्यम से अब तक 2,727 पशुओं का उपचार किया गया है। वहीं, पशुओं के लिए 933.05 क्विंटल चारा वितरित किया जा चुका है।
पेयजल और स्वच्छता की व्यवस्था बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल और स्वच्छता की सुविधा बनाए रखने के लिए 56 पेयजल टैंकर, 82 चापाकल, 193 अस्थायी शौचालय और 60 एफआरपी शौचालय की व्यवस्था की गई है। प्रभावित पंचायतों में 254 आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं, जहां प्रतिदिन करीब 8,967 बच्चों को लाभ मिल रहा है।
सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और प्रशासन तथा बचाव दल के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन के अनुसार, राहत एवं बचाव कार्य के साथ प्रभावित परिवारों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी संबंधित विभाग लगातार काम कर रहे हैं।
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