मेरठ में "नीला ड्रम" हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया। सौरभ राजपूत की हत्या के बाद लाश को नीले प्लास्टिक के ड्रम में सीमेंट से भरकर छिपाया गया, और अंत में आरोपी मुस्कान रस्तोगी व साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई गई। नीचे इस मामले की प्रमुख घटनाओं की टाइमलाइन दी गई है।
2016 – परिवार के विरोध के बावजूद शादी: सौरभ राजपूत और मुस्कान रस्तोगी ने परिवार की मर्जी के खिलाफ घर से निकलकर शादी की। बाद में दोनों परिवारों ने इस शादी को स्वीकार किया और जोड़ी मेरठ में रहने लगी।
2019 – नौकरी बदलाव और बेटी का जन्म: सौरभ ने मर्चेंट नेवी छोड़कर लंदन के एक मॉल में सेल्स मैनेजर के पद पर काम शुरू किया। उसी साल जोड़े की बेटी का जन्म हुआ। सौरभ विदेश में काम करते रहे जबकि पत्नी‑बच्ची मेरठ में रहती थीं।
24 फरवरी 2025 – लंदन से मेरठ वापसी: सौरभ अपने परिवार के साथ भारत लौटे। अगले दिन मुस्कान का जन्मदिन और 28 फ़रवरी को बेटी पीहू का जन्मदिन था। यह परिवार के लिए सामान्य उत्सव था, लेकिन कुछ ही दिनों में सौरभ की हत्या हो गई।
25 फ़रवरी 2025 – मुस्कान का जन्मदिन: सौरभ की वापसी के एक दिन बाद मुस्कान ने अपना जन्मदिन मनाया। इस दौरान कोई संदेह नहीं था, लेकिन अगले दो‑तीन दिनों में हत्या की साजिश आगे बढ़ी।
3 मार्च 2025 – सौरभ की हत्या: अभियोजन के अनुसार, मुस्कान ने सौरभ को नशे‑या‑नींद‑लाने वाली दवा दी, जिससे वह बेहोश हो गया। फिर साहिल शुक्ला को बुलाकर दोनों ने चाकू से हमला किया। सौरभ की मौत के बाद उसके शव के टुकड़े किए गए।
3‑4 मार्च 2025 – नीले ड्रम में लाश छिपाना: शव के टुकड़ों को नीले प्लास्टिक के ड्रम में डालकर उसमें सीमेंट घोल भर दिया गया। इस ड्रम को बाद में पुलिस ने बरामद किया, जिससे केस को पहचान मिली।
4 मार्च 2025 – हिमाचल की यात्रा: मुस्कान ने अपनी बेटी को मायके छोड़कर साहिल के साथ शिमला की ओर रवाना हुई। इस दौरान सौरभ के फोन से परिवार को संदेश भेजे गए, जिससे उनकी अनुपस्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई।
मार्च 2025 – परिवार में शंका: सौरभ से संपर्क न हो पाने पर उनका परिवार चिंतित हो गया। मुस्कान ने अपने मायके को हत्या के बारे में बताया, जिससे पुलिस को सूचना मिली और जांच तेज़ हुई।
17 मार्च 2025 – ड्रम से लाश के टुकड़े बरामद: मेरठ पुलिस ने नीले ड्रम से सौरभ के शव के टुकड़े निकालें। यह खोज मामले को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ले आई।
18 मार्च 2025 – मुस्कान व साहिल की गिरफ्तारी: ड्रम से मिली साक्ष्य के आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया गया और पूछताछ की गई।
19 मार्च 2025 – न्यायिक हिरासत: दोनों को अदालत में पेश किया गया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
12 मई 2025 – चार्जशीट दाखिल: पुलिस ने लगभग 1,000 पन्नों की चार्जशीट दायर की, जिसमें हत्या, शव छिपाने और सबूत मिटाने के आरोप शामिल थे। लगभग 34 गवाहों के बयानों को भी इसमें सम्मिलित किया गया।
24 नवंबर 2025 – जेल में बच्ची का जन्म: जेल में रहने के दौरान मुस्कान को एक बच्ची का जन्म हुआ। नवजात को महिला बैरक में रखा गया और सौरभ के परिवार ने पितृत्व की पुष्टि के लिए डीएनए परीक्षण की मांग की।
मार्च 2025 से सितंबर 2026 – सुनवाई: केस की सुनवाई में 126 पेशियां, 22 गवाहों के बयान और विस्तृत फॉरेंसिक रिपोर्टें पेश हुईं।
17 सितंबर 2026 – अंतिम बहस: अभियोजन ने दोनों के खिलाफ सबूतों की पूरी श्रृंखला पेश की और सजा‑ए‑मौत की मांग की। सौरभ के परिवार ने भी अपनी पैरवी की।
30 सितंबर 2026 – दोषसिद्धि: मेरठ की जिला एवं सत्र अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या और सबूत मिटाने के मामले में दोषी ठहराया। सजा तय करने की तिथि 14 अक्टूबर निर्धारित की गई।
14 अक्टूबर 2026 – मौत की सजा: अदालत ने दोनों को सजा‑ए‑मौत सुनाई। अभियोजन ने इस केस को दुर्लभतम मामलों में वर्गीकृत किया था, और अब अपील के माध्यम से आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।
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