मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक बेहद दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. शहर के फिजिकल थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के चार बच्चों की करीब 10 दिनों के भीतर बीमारी के चलते मौत हो गई. मृतकों में तीन सगे भाई और एक रिश्तेदार का बेटा शामिल बताया गया है. लगातार चार मौतों के बाद परिवार में मातम है, वहीं स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन में भी हड़कंप मचा हुआ है. मामला फिजिकल थाने के सामने रहने वाले तनवीर अहमद के परिवार से जुड़ा है. जानकारी के मुताबिक, परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों समेत करीब 16 लोग 16 अगस्त को गोरा टीला के पास स्थित एक झरने पर नहाने के लिए गए थे. सभी लोग झरने से वापस लौटे. इसके बाद परिवार के सदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी.
परिजनों के अनुसार, बीमार पड़े बच्चों में बुखार, पेट दर्द और उल्टी-दस्त जैसी शिकायतें सामने आईं. इसके बाद उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया. लेकिन इलाज के दौरान एक-एक कर चार बच्चों की मौत हो गई. महज 10 दिनों के भीतर एक ही परिवार के चार बेटों की मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया. परिवार में सबसे पहले 14 वर्षीय ताहिर की तबीयत बिगड़ी थी. उसे इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी. इसके बाद 19 वर्षीय अयाज समेत परिवार के अन्य बच्चों की तबीयत भी बिगड़ती चली गई. एक के बाद एक बच्चों की हालत खराब होने और फिर मौत होने से परिवार में मातम छा गया.
झरने से नहाकर लौटने के बाद बिगड़ी तबीयत
एक ही परिवार में लगातार चार मौतों की सूचना सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन सक्रिय हुआ. स्वास्थ्य विभाग की टीम परिवार के पास पहुंची. इसके साथ ही बीमारी के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों और आसपास के लोगों के सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू की गई. इस पूरे मामले में अभी तक बीमारी की असली वजह सामने नहीं आई है. परिवार के लोग 16 अगस्त को गोरा टीला के पास स्थित झरने पर नहाने गए थे. इसके बाद तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक इन मौतों का कारण झरने के पानी को नहीं माना है.
अधिकारियों का कहना है कि बीमारी के वास्तविक कारण का पता सैंपल और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा. फिलहाल मेडिकल टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. मृत बच्चों के इलाज से जुड़ी जानकारी और बीमारी के संभावित कारणों को भी देखा जा रहा है. शिवपुरी के एडीएम दिनेश चंद शुक्ला के मुताबिक, झरने पर नहाने गए करीब 62 लोगों के सैंपल लिए गए हैं. मेडिकल टीम मामले की जांच कर रही है. एडीएम ने बताया कि चार बच्चों की मौत बुखार के चलते होने की जानकारी सामने आई है. हालांकि, बीमारी की वास्तविक वजह क्या है, इसका पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा.
प्रशासन की ओर से परिवार को आर्थिक सहायता भी दी गई है. इसके अलावा जिस झरने पर परिवार के लोग नहाने गए थे, वहां के पानी के भी सैंपल लिए गए हैं. पानी की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उसका इस बीमारी से कोई संबंध है या नहीं. इसी सैंपलिंग के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम को तीन बच्चियों की तबीयत खराब होने की जानकारी मिली. इसके बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए ग्वालियर भेजा गया है. तीनों बच्चियों की तबीयत खराब होने की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता और बढ़ गई है.
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम बीमारी की वजह का पता लगाने में जुटी है. परिवार के चार बच्चों की मौत के बाद आसपास के इलाके में भी इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है. प्रशासन की ओर से झरने के पानी के साथ उन लोगों के भी सैंपल लिए गए हैं, जो वहां नहाने गए थे. करीब 62 लोगों के सैंपल लिए जाने के बाद अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है. अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. अभी झरने के पानी को इन मौतों का कारण नहीं माना गया है.
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने संभाला मोर्चा
इस घटना ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है. जिस परिवार के सदस्य 16 अगस्त को झरने पर नहाने के लिए गए थे, वहां से लौटने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ती चली गई. 10 दिनों के भीतर चार बच्चों की मौत हो गई. अब तीन बच्चियों को इलाज के लिए ग्वालियर भेजा गया है. एडीएम दिनेश चंद शुक्ला ने बताया कि प्रशासन की ओर से परिवार को आर्थिक सहायता दी गई है और मेडिकल टीम जांच कर रही है. झरने के पानी के सैंपल भी लिए गए हैं. फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की जांच के बाद ही यह पता चलेगा कि आखिर चार बच्चों की मौत की असली वजह क्या थी. फिलहाल परिवार के चार बेटों की मौत और तीन बच्चियों के बीमार होने से इलाके में चिंता का माहौल है. प्रशासन बीमारी के कारणों का पता लगाने के लिए सैंपल और अन्य उपलब्ध जानकारी की जांच कर रहा है.
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