खाई में झाड़ियों के बीच सिर मिला बाद में पता चला कि वह राजकिशोर था। परिजन ने हत्या की बात कही है, हालांकि रंजिश से इनकार किया है। मौके पर पहुंचे डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी का कहना है कि शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। ग्रामीणों ने करीब 8:30 बजे पुलिस को सूचना दी थी। दो घंटे बाद पानी भरी खाई में झाड़ियों के बीच सिर मिला है। पुलिस ने घटनास्थल से करीब 800 मीटर पहले और 900 मीटर बाद पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे देखे।
हत्या या हादसे का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही चलेगा उसमें राजकिशोर 8:12 बजे चौखंडी गांव के सामने पंप से गुजरते दिखाई दिए, जबकि घटना 8:20 बजे के करीब की वारदात बताई जा रही है। उनके पीछे कुछ बाइक सवार फिर साइकिल सवार छात्र निकलते दिखे हैं। परिजन किसी रंजिश से इनकार कर रहे हैं। फिर भी पुलिस हत्या और हादसे सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। हत्या या हादसे का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही चलेगा।
घटनास्थल पर पहिए के घिसने के मिले निशान एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ. विपिन ताडा का कहना है कि घटनास्थल के पास पहिए के घिसने के निशान भी मिले हैं। किसी भारी वाहन के ब्रेक लगाए की आशंका है। घटना से कुछ देर पहले उसी रास्ते से रोटावेटर निकला है। पुलिस आसपास के रोटावेटर मालिकों से भी पूछताछ कर रही है।
वारदात एक नजर में
शरीर पर नहीं मिली चोट, पीछे से किया गया वार मकनपुर रोड पर खुर्दखोजनपुर गांव के सामने मंगलवार सुबह काॅस्मेटिक दुकानदार राजकिशोर उर्फ राजू पटवा की हत्या के बाद फाॅरेंसिक टीम को कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। उसकी साइकिल सुरक्षित मिली और शर्ट का काॅलर छोड़ दिया जाए, तो कपड़े भी पूरी तरह सुरक्षित मिले। वार पीछे से करने की आशंका है। राजू के हाथ-पैर और सिर व चेहरे पर भी कोई गंभीर चोट के निशान नहीं दिखाई दिए हैं।
किसी भी दुश्मनी से इनकार कर रहे हैं परिजन जांच अधिकारियों की मानें, तो हत्या के लिए हत्यारे आते तो राजकिशोर और हमलावरों में हाथापाई जरूर होती। इस पर शरीर पर चोट के निशान व मौके पर साक्ष्य मिलते। पुलिस की कई टीमें जांच पड़ताल में जुटी हैं। हत्या नृशंस है, लेकिन परिजन किसी भी दुश्मनी से इनकार कर रहे हैं। फाॅरेंसिक टीम को राजू का सिर कटा शव छाती के बल पड़ा मिलने से आशंका है कि उसकी गर्दन पर पीछे से कोई तेज वार हुआ है।
सड़क किनारे देखा तड़पता हुआ शव इससे वह मौके पर गिर गया और सिर दूर जा गिरा। देवहा गांव के लोगों ने बताया कि मकनपुर रोड से रोजाना गांव के सैकड़ों ग्रामीणों का आवागमन होता है। गांव के कई छात्र सुबह बिल्हौर में ट्रेन पकड़ने जा रहे थे। तभी सड़क किनारे राजू का तड़पता हुआ शव देख उन्होंने ग्रामीणों को सूचना दी। ग्रामीणों के अनुसार, मौके पर ही दूसरी साइड एक बड़ा गड्ढा है। पूरी घटना 8:20 बजे की है। घटनास्थल पर एक ओर ईशन नदी और दूसरी ओर खेत हैं।
मीडिया एकाउंट के बारे में भी जानकारी जुटा रही टीम राजू की बड़ी बेटी शुभी ने बताया कि पापा बहुत सीधे थे। उनका कभी कोई विवाद नहीं हुआ। उनकी हत्या हुई है। वहीं, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार घटना के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश में एक टीम मृतक के परिवार से जुड़े सदस्यों के मीडिया एकाउंट के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। राजकिशोर अपने पिता की छोड़ी शृंगार की दुकान संभाल रहे थे। आसपास के दुकानदारों के मुताबिक वह करीब 20 साल से छोटी बाजार में दुकान लगा रहे थे।
दुकान से चलता था परिवार का खर्च परिवार का खर्च दुकान की आमदनी से ही चलता था। उनकी बड़ी बेटियों नैंसी और शुभी के रिश्ते की बातचीत चल रही थी। ग्रामीण राधेश्याम के मुताबिक, राजकिशोर शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई के लिए गांव छोड़ दिया था। इसके बाद कभी-कभार ही गांव आते थे। उनके पास खेती की जमीन नहीं थी। करीब पांच साल पहले उनकी मां को सरकारी आवास के लिए धनराशि मिली थी, जिससे गांव में मकान बनवाया गया था। बाद में परिवार बिल्हौर में ही रहने लगा।
20 साल से बिल्हौर में रह रहा परिवार वैष्णवनगर मोहल्ले के बुजुर्ग लाल अग्निहोत्री, संजय शर्मा आदि ने बताया कि राजू पटवा बीते 20 साल से पत्नी और तीन बेटियों के साथ रह रहे थे। उनसे कभी भी विवाद या झगड़ा की सूचना नहीं मिली। मां रजनी अनंता और अन्य साैंदर्य का सामान बनाती थी जिसे राजू गांव-गांव साइकिल से फेरी लगाकर बिक्री करते थे।
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!