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मुंगेर जिले में चार दिनों तक गंगा के जलस्तर में लगातार कमी के बाद एक बार फिर नदी के तेवर तल्ख होने लगे हैं। बुधवार सुबह छह बजे से गंगा के जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 38.56 मीटर तक पहुंच गया। जलस्तर फिलहाल धीमी रफ्तार से बढ़ रहा है और करीब चार घंटे में एक सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की जा रही है, लेकिन यह चेतावनी स्तर 38.33 मीटर से 23 सेंटीमीटर ऊपर है। पानी बढ़ने के साथ गंगा की धार भी तेज हो गई है। सदर प्रखंड के सीताकुंड डीह गांव में कटाव शुरू होने से ग्रामीणों में दहशत है और 30 से अधिक मकान पानी से घिर गए हैं, जबकि करीब 10 घरों के शौचालय गंगा की जद में आ गए हैं।
कष्टहरणी घाट पर लोगों के प्रवेश पर रोक
जलस्तर बढ़ने के साथ शहर के कष्टहरणी घाट पर गंगा की धारा काफी तेज हो गई है। सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने घाट पर आम लोगों के प्रवेश पर तत्काल रोक लगा दी है। घाट के एक ओर निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि दूसरी ओर गंगा का पानी काफी ऊपर तक पहुंच चुका है। तेज धारा को देखते हुए कष्टहरणी घाट पर गोताखोरों की भी तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
डॉल्फिन पार्क में 15 दिनों से घुसा है गंगा का पानी
सोझी घाट के समीप स्थित डॉल्फिन पार्क में गंगा का पानी प्रवेश कर जाने के कारण यह करीब 15 दिनों से बंद है। वहीं, बबुआ घाट पर लोगों को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए बांस और जाल लगाकर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। .ads-row{display:flex;gap:10px;flex-wrap:wrap;}
सीताकुंड डीह में शुरू हुआ कटाव, 10 घरों के शौचालय गंगा की जद में
गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के बीच सदर प्रखंड की नौवागढ़ी उत्तरी पंचायत के सीताकुंड डीह गांव के वार्ड संख्या एक स्थित बिंद टोला में मंगलवार से कटाव शुरू हो गया है। पानी के तेज थपेड़ों के कारण करीब 10 घरों के शौचालय गंगा की जद में आ गए हैं। वहीं, 30 से अधिक घर गंगा के पानी से घिरे हुए हैं।
तेज धार से पक्के मकानों पर मंडराया खतरा
गंगा की तेज धार और लगातार बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। नया बिंद टोली वार्ड संख्या एक निवासी इंद्रदेव सिंह ने बताया कि गंगा की तेज धार और पानी के थपेड़ों के कारण उनके पक्के मकान के कटने का खतरा बना हुआ है। मकान को सुरक्षित रखने के लिए बालू से भरे बोरे लगाए जा रहे हैं। इंद्रदेव सिंह ने बताया कि गंगा का रौद्र रूप देखकर हर समय यह डर बना रहता है कि कब उनका घर नदी में समा जाए। पानी के तेज थपेड़ों की आवाज के कारण रात में नींद तक नहीं आती।
‘कटाव तेजी से हो रहा, कई घर गंगा की जद में’
ग्रामीण लालो सिंह ने बताया कि गंगा में कटाव तेजी से हो रहा है और जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण सहमे हुए हैं। दियारा क्षेत्र की जमीन और फसलें पहले ही गंगा में डूब चुकी हैं। अब गांव के कई घर भी गंगा की जद में आ गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव को कटाव से बचाने के लिए ठोस और प्रभावी उपाय किए जाने की मांग की है।
80 वर्षीय प्रमिला देवी बोलीं- रात में घर में रहना डरावना
80 वर्षीय प्रमिला देवी ने बताया कि गंगा की तेज धार के कारण कटाव हो रहा है। बच्चों और परिवार के साथ रात में घर में रहना डरावना लगता है। उन्होंने कहा कि अब तक कोई अधिकारी, मुखिया या विधायक ग्रामीणों का हाल जानने नहीं पहुंचा है। उन्होंने बताया कि गंगा के थपेड़ों और पानी की तेज आवाज के कारण रातभर भय बना रहता है।
दियारा क्षेत्र में फिर फैलने लगा बाढ़ का पानी
गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ दियारा क्षेत्र में एक बार फिर बाढ़ के पानी का फैलाव शुरू हो गया है। इससे पहले पानी घटने के कारण लोगों को राहत मिली थी, लेकिन अब दोबारा जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर रखने की बात कही जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि जलस्तर और कटाव की स्थिति पर नजर रखते हुए जरूरत के अनुसार सुरक्षा एवं राहत संबंधी कदम उठाए जाएं।
सीओ बोलीं- कटाव वाले इलाकों में विशेष सतर्कता जरूरी
इस संबंध में सदर सीओ अंजली कुमारी ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों को एहतियात बरतने की जरूरत है। गंगा किनारे जिन स्थानों पर कटाव हो रहा है, वहां रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। उन्होंने बताया कि सीताकुंड डीह गांव का स्थल निरीक्षण किया जाएगा और स्थिति का जायजा लिया जाएगा।
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