Morepen Labs share: शेयर बाजार में भारी बिकवाली के बीच बुधवार को फार्मा सेक्टर की कंपनी मोरेपेन लैबोरेटरीज के शेयर को खरीदने की लूट सी मच गई। सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन इस कंपनी के शेयर में करीब 10 पर्सेंट का उछाल आया और भाव 114.15 रुपये तक पहुंच गया। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई भी है। अगर पिछले छह हफ्तों के परफॉर्मेंस को देखें तो इस फार्मास्युटिकल कंपनी के शेयर की कीमत में 112 प्रतिशत की जबरदस्त तेजी आई है। फिलहाल, यह शेयर 2001 के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर पर ट्रेड कर रहा है। इस लिहाज से शेयर ने 25 साल बाद शानदार परफॉर्मेंस करते हुए इस स्तर तक पहुंचा है। बता दें कि शेयर ने ₹234 का रिकॉर्ड उच्चतम स्तर छुआ था।
जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के शानदार नतीजे घोषित होने के बाद से ही मोरेपेन लैबोरेटरीज के शेयर डिमांड में हैं। बेहतर ऑपरेटिंग लेवरेज और एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट (API) के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन की बदौलत जून तिमाही में मोरेपेन लैबोरेटरीज का टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) साल-दर-साल (YoY) आधार पर 394 प्रतिशत बढ़कर ₹56.35 करोड़ हो गया।
एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी ने ₹11.40 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया था। रेवेन्यू की बात करें तो साल-दर-साल 34 प्रतिशत बढ़कर ₹575.31 करोड़ हो गया जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर की जून तिमाही में यह ₹429.64 करोड़ था। इस तिमाही में एबिटा साल-दर-साल 207 प्रतिशत बढ़कर ₹87.72 करोड़ हो गई। इसके अलावा, एबिटा मार्जिन 15.25 प्रतिशत रहा।
मोरेपेन धीरे-धीरे पारंपरिक एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट बिजनेस से इनोवेशन-आधारित मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म की ओर विस्तार कर रहा है। यह लंबे समय के सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट, कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन पार्टनरशिप, प्रोसेस को बड़े पैमाने पर बढ़ाने, रेगुलेटेड-मार्केट कस्टमर प्रोग्राम और ग्लोबल फार्मास्युटिकल पार्टनरशिप पर केंद्रित है।
कंपनी अपने मेडिकल डिवाइस बिजनेस को एक ऐसे प्लेटफॉर्म के तौर पर विकसित कर रही है जो ब्लड ग्लूकोज मॉनिटरिंग, ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग, बार-बार इस्तेमाल होने वाले सामान, CGM के मौकों और कनेक्टेड हेल्थ जैसे क्षेत्रों में क्रॉनिक-केयर हेल्थकेयर सुविधाएं दे सके।
मोरेपेन ने अपनी FY26 की सालाना रिपोर्ट में कहा कि कंपनी का मीडियम-टर्म आउटलुक सकारात्मक है। कंपनी को भारत के हेल्थकेयर इकोसिस्टम के लगातार विस्तार से भी फायदा होने की उम्मीद है। यह विस्तार हेल्थकेयर तक बढ़ती पहुंच, ज्यादा इंश्योरेंस कवरेज, अनुकूल डेमोग्राफिक्स, क्रॉनिक बीमारियों के बढ़ते मामलों और टियर-II, टियर-III, ग्रामीण मार्केट में हेल्थकेयर सेवाओं की गहरी पैठ की वजह से हो रहा है। कंपनी को डिजिटल हेल्थकेयर, ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म और होम हेल्थकेयर के तेज ग्रोथ से फॉर्मूलेशन, OTC और मेडिकल डिवाइस पोर्टफोलियो की मांग और मजबूत होने की उम्मीद है।
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