पितृपक्ष मेला 2026 से पहले गयाजी में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए डाक विभाग ने एक अनोखी पहल की है। अब गयाजी के प्रमुख धार्मिक स्थलों, पिंडदान स्थलों, इतिहास और बोधगया से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मोबाइल पर बारकोड (QR कोड) स्कैन करते ही उपलब्ध होगी। इसके साथ ही डाक विभाग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चलंत एटीएम, गंगाजल स्टॉल और विशेष डाक आवरण जैसी कई नई सेवाएं भी शुरू कर रहा है।
उन्होंने बताया कि अब गयाजी के प्रमुख मंदिरों और पिंडदान स्थलों पर लगे बारकोड को मोबाइल से स्कैन करते ही वहां का इतिहास, धार्मिक महत्व और पूरी जानकारी श्रद्धालुओं को मिल जाएगी। इससे लोगों को किसी से पूछने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे आसानी से अपने धार्मिक अनुष्ठान पूरे कर सकेंगे।
देश-दुनिया तक पहुंचेगी गयाजी की धार्मिक गाथा गेवाल पंडा राजेश लाल कटयियार ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि बारकोड के माध्यम से श्रद्धालु गयाजी का प्राचीन इतिहास, धार्मिक महत्व, पिंडदान की परंपरा और बोधगया की जानकारी एक ही स्थान पर प्राप्त कर सकेंगे। इससे दुनिया भर के लोग गया जी की धार्मिक विरासत को जानेंगे और आगे भी इसका प्रचार-प्रसार करेंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल सराहनीय है और इससे गया की पहचान और मजबूत होगी।
डाक विभाग की नई सेवाएं भी होंगी शुरू डाक विभाग के पदाधिकारी नीरज ने बताया कि पितृपक्ष मेला के दौरान विभाग कई नई सुविधाएं शुरू करने जा रहा है। मेला क्षेत्र में चलंत एटीएम, गंगाजल स्टॉल और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि एक विशेष पोस्टकार्ड भी जारी किया जा रहा है, जिसमें दिए गए बारकोड को स्कैन करते ही श्रद्धालुओं को गयाजी, बोधगया, पिंडदान और धार्मिक परंपराओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी अपने मोबाइल पर मिल जाएगी।
भीड़ में भी मिलेगी कैश की सुविधा गयाजी डाक विभाग के मगध प्रमंडल अधीक्षक अंशुमान ने बताया कि डाक सेवा और जन सेवा के उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए पितृपक्ष मेला में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि डाक विभाग इस बार विशेष आवरण (स्पेशल कवर) जारी करेगा। इसके अलावा गंगोत्री से मंगाए गए गंगाजल की व्यवस्था की जा रही है।
सबसे खास पहल कैश मित्र सेवा होगी। इसके तहत एक केंद्रीकृत नंबर जारी किया जाएगा। यदि भीड़ के बीच किसी श्रद्धालु को नकदी की आवश्यकता होगी तो वह उस नंबर पर फोन करेगा और डाक विभाग का कर्मचारी मौके पर पहुंचकर उसे नकदी उपलब्ध कराएगा। ये भी पढ़ें- बिहार सड़क हादसा: आरा-सासाराम हाईवे पर भीषण टक्कर, ऑटो सवार बुजुर्ग की मौत; सात घायल
वहीं, अंशुमान ने बताया कि बारकोड से जुड़ी यह पहल जिला प्रशासन की है, जिसमें डाक विभाग सहयोग कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यही है कि पितृपक्ष मेला महासंगम में आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालु गया की धार्मिक विरासत, ऐतिहासिक महत्व और सांस्कृतिक पहचान को आसानी से जान सकें तथा यहां की परंपराओं से जुड़ सकें।
हर साल पितृपक्ष मेला के दौरान लाखों श्रद्धालु गया पहुंचते हैं। ऐसे में बारकोड आधारित यह डिजिटल व्यवस्था न केवल उन्हें सही जानकारी देगी, बल्कि पिंडदान और धार्मिक अनुष्ठानों को समझने में भी मदद करेगी। डाक विभाग की यह पहल गयाजी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल माध्यम से दुनिया तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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