पहाड़ी क्षेत्रों के साथ मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बिजनौर और बुलंदशहर के खादर क्षेत्र में भारी बारिश ने चिंता बढ़ा दी है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से आबादी वाले क्षेत्रों में पानी घुस सकता है। बिजनौर के नजीबाबाद क्षेत्र में कई स्थानों पर मालन नदी के तटबंध नहीं बनाए जाने से भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में पानी आबादी क्षेत्र की ओर रुख कर सकता है। समय रहते तटबंधों को मजबूत करने की जरूरत है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कराया जाए, कमजोर तटबंधों को दुरुस्त किया जाए और नदी के किनारे आबादी वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। नजीबाबाद में मालन नदी के तट पर कछियाना बस्ती, रम्पुरा सहित कई स्थान बाढ़ संभावित एवं संवेदनशील क्षेत्र की श्रेणी में आते हैं। मालन नदी पर अतिक्रमण भी बाढ़ का मुख्य कारण है। बरसात में मालन का जल स्तर बढ़ा तो उक्त कॉलोनी को सबसे अधिक खतरा होगा और इसके कारण नदी के जल का रुख भी आबादी की ओर बढ़ जाएगा।
पहाड़ों और मैदानी क्षेत्र में हो रही बारिश का असर पिछले कई दिनों से गंगा के जलस्तर पर पड़ रहा है। गढ़मुक्तेश्वर में शनिवार को गंगा का जलस्तर उच्च बाढ़ तल के निशान को पार कर गया। अब जलस्तर खतरे के निशान की ओर तेजी से बढ़ रहा है। खादर क्षेत्र के जंगल और गांवों के रास्तों में गंगा का पानी पहुंच गया है, जो ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। बिजनौर बैराज से गंगा में एक लाख से अधिक क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसके आने के बाद यहां परेशानी और बढ़ जाएगी।
शुक्रवार शाम बिजनौर बैराज से डिस्चार्ज किए पानी के क्षेत्र में पहुंचने के बाद शनिवार सुबह ब्रजघाट गंगा का जलस्तर उच्च बाढ़ तल के निशान 198.90 को पार करते हुए 198.92 मीटर (समुद्र तल से) तक जा पहुंचा है। खादर के गांव शेरा कृष्णा वाली मढ़ैंया, लठीरा, कुदैनी, शाकरपुर, अब्दुलापुर, रामपुर न्यामतपुर, भगवंतपुर समेत अन्य गांवों में रहने वाले किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। कुदैनी, गंगानगर व अन्य तटीय गांवों के संपर्क मार्गों पर एक से दो फुट तक पानी भरा है। ब्रजघाट में कांवड़ मेले के बीच मुख्य स्नानघाट की सीढ़ियों तक गंगा का पानी पहुंच गया है।
बुलंदशहर के अहार क्षेत्र में गंगा में जारी कटान और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। कटान की चपेट में आकर सिद्ध बाबा गंगा घाट का पूरा मेला स्थल गंगा की धारा में समा गया है। जिस स्थान पर पहले मेला लगता था, वहां अब पानी भरा हुआ है। गंगा किनारे हो रहे कटान से कई पेड़ भी बह गए हैं। खादर क्षेत्र के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भरा होने से फसलों पर भी संकट मंडरा रहा है। हालात का जायजा लेने शनिवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व अभिषेक कुमार सिद्ध बाबा गंगा घाट पहुंचे। उनके साथ एसडीएम स्याना लालजी विश्वकर्मा भी मौजूद रहे।
एडीएम ने बाढ़ चौकियों और प्रभावित इलाकों की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों को गंगा के जलस्तर और कटान की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। सिद्ध बाबा गंगा घाट के आसपास सबसे अधिक कटान हो रहा है। शुक्रवार देर रात भी आरसीसी सड़क का एक और टुकड़ा गंगा की धारा में बह गया।
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