हरियाणा के फरीदाबाद और गुरुग्राम में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण आम जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बिजली आपूर्ति चरमराने से दोनों जगह के कई इलाके अंधेरे में डूब चुके हैं। .metering_wall_container {min-height:58px;max-height:58px;position:relative;transition:max-height 0.5s ease-in-out;}
क्यों फरीदाबाद की सड़कों पर उतरे लोग? फरीदाबाद जिले में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब सड़कों पर दिखने लगा है। एनआईटी-2 में लगातार 13 घंटे तक बिजली गुल रहने से गुस्साए लोगों का सब्र जवाब दे गया। लखानी धर्मशाला के पास स्थानीय लोगों ने बिजली कार्यालय के बाहर सड़क पर बैठकर जोरदार प्रदर्शन किया और जाम लगा दिया। प्रदर्शन के दौरान स्कूल बसें तक रोक दी गईं और करीब तीन घंटे तक मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके एनआईटी दो चौकी से पुलिसकर्मियों को बुलाया गया। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे दो-तीन लोगों को हिरासत में भी लिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भीषण गर्मी और पानी की किल्लत से उनका जीना मुहाल हो गया है।
किसके खिलाफ सड़क पर आए लोग? सारण के स्थानीय लोगों ने लगातार 18 घंटे से बिजली कटौती होने के कारण शाम करीब 6 बजे सारण चौक पर सड़क को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सड़क पर बैठ गए। सूचना मिलने पर सारण थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, आपूर्ति तुरंत बहाल करने की मांग को लेकर लोग प्रदर्शन पर अड़े रहे। पुलिस के समझाने के बाद लोगों ने प्रदर्शन रोक दिया।
फरीदाबाद के इन इलाकों में बिजली गुल? बुधवार रात से लगातार बिजली न आने के कारण कई क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति भी ठप हो गई है। एनआईटी क्षेत्र, जवाहर कॉलोनी, डबुआ कॉलोनी, जनता कॉलोनी, एयरफोर्स रोड के अलावा सेक्टर-56, सेक्टर-21डी, सेक्टर-46, बल्लभगढ़ की चावला कॉलोनी, आजाद नगर, एसी नगर और मोहना रोड स्थित आर्य नगर में लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं, सेक्टर-23 में कर्मचारियों द्वारा तीन दिन की हड़ताल शुरू किए जाने से मरम्मत कार्य पूरी तरह ठप है।
फरीदाबाद में बिजली की किल्लत क्यों हुई? बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से शहर की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अटाली और आईएसई सहित 50 से अधिक फीडर ब्रेकडाउन होने से अधिकांश शहर अंधेरे में डूब गया है। इसका दंश पुलिस थानों, चौकियों से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को भी झेलना पड़ रहा है। जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को भी वैकल्पिक व्यवस्था का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे बिजली निगम के अधिकारी भी अछूते नहीं रहे। हड़ताल में अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक के शामिल होने के कारण सभी सब-डिवीजन, शिकायत केंद्र और सर्कल कार्यालय वीरान पड़े हैं। ब्रेकडाउन की वजह से शहरी, रिहायशी, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र के दर्जनों फीडर बंद रहे, जिससे शहर के बड़े हिस्से में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। सारन थाना से लेकर कोतवाली थाने में बिजली आपूर्ति ठप रही।
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