उत्तर प्रदेश के बरेली में चंद्रपुर बिचपुरी के रहने वाले नरेश पाल ने प्लॉट के विवाद में न्याय न मिलने का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट गेट पर पत्नी गुड्डी के साथ आत्मदाह का प्रयास किया। पुलिस कर्मियों ने ज्वलनशील पदार्थ की कैन छीनकर उनके प्रयास को विफल कर दिया। प्रशासन की जांच में आरोप गलत पाए गए। इसके बाद भ्रामक तथ्यों के आधार पर आत्मदाह की धमकी देने, लोक सेवकों पर अनैतिक दबाव बनाने और मुख्यमंत्री के लिए असंसदीय भाषा का प्रयोग करने के आरोप में नरेश और उसकी पत्नी के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराकर दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
बिथरी चैनपुर के गांव चंदपुर बिचपुरी का नरेश मंगलवार सुबह 11 बजे पत्नी गुड्डी के साथ कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंचा। नरेश के पास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक फ्लेक्स था। उस पर मुख्यमंत्री के लिए असंसदीय और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया था। नरेश फ्लेक्स के साथ चौराहे पर धरना देने के लिए बैठने लगा। ड्यूटी पर तैनात एसआई अभिसूचना ओमपाल सिंह, मुख्य आरक्षी अभिसूचना अमित सिंह और होमगार्ड संदीप सिंह ने उसे इसके लिए रोका तो नरेश थैले से एक प्लास्टिक की कैन निकालकर ज्वलनशील पदार्थ अपने ऊपर डालने लगा। इसमें उसकी पत्नी ने भी सहयोग किया। मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे किसी तरह रोका। छीना-झपटी में एसआई ओमपाल सिंह की अंगुली में चोट भी लग गई। कोतवाली पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस नरेश पाल व उसकी पत्नी को कोतवाली ले गई और दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। शाम को दोनों को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया है। प्रकरण के दौरान दोनों के पास माचिस नहीं मिली। बरेली में बीते दो महीने में इस तरह की यह चौथी घटना है। इससे प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
घटना की सूचना डीएम तक पहुंचते ही अधिकारी जांच में जुट गए। प्रारम्भिक जांच में पता चला कि नरेश पाल ने कोई एग्रीमेंट टीकाराम से नहीं कराया था, बल्कि 27 जून 2017 को शकुंतला देवी पत्नी प्यारेलाल निवासी चन्दपुर बिचपुरी ने एक अपंजीकृत इकरारनामा स्टाम्प पेपर पर टीकाराम मौर्या से कराया था, जिसमें नरेश पाल ने मात्र गवाही की है। नरेश पाल व अपंजीकृत इकरारनामाकर्ता शकुंतला देवी का आपस में कोई रक्त संबंध नहीं है। कथित अपंजीकृत इकरारनामा में दो लाख रुपये का लेन-देन प्रथम पक्ष टीकाराम पुत्र स्व. रामलाल मौर्य और द्वितीय पक्ष शकुन्तला देवी पत्नी प्यारेलाल के बीच हुआ है। इस इकरारनामे के आधार पर थाना इज्जतनगर में 16 मई 2019 को शकुन्तला पत्नी प्यारेलाल की तहरीर पर टीकाराम मौर्य के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। विवेचना के बाद 10 जुलाई 2020 को आरोप पत्र कोर्ट को भेजा जा चुका है। वर्तमान में यह प्रकरण कोर्ट में विचाराधीन है।
घटना के दौरान ड्यूटी पर तैनात सब इंस्पेक्टर ओमपाल सिंह, आरक्षी कुसुम, अमित, होमगार्ड संजीव शर्मा, धीरेंद्र, राजपाल, मदनलाल, लालाराम और पप्पू ने तत्परता दिखाते हुए दंपति को बचाया। पुलिसकर्मियों की इस कार्रवाई की अधिकारियों ने सराहना की। डीएम अविनाश सिंह ने इन सभी पुलिसकर्मियों को 2500-2500 रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
पूछताछ में नरेश ने बताया कि वह प्लॉट के विवाद में लंबे समय से परेशान है। बार-बार शिकायत के बाद भी अधिकारी समाधान नहीं कर रहे हैं। तीन दिन पूर्व भी वह कलेक्ट्रेट आया था। नरेश के पास एसडीएम सदर को संबोधित नौ जून 2026 का एक प्रार्थना पत्र भी मिला। उसमें टीकाराम पुत्र राम लाल मौर्या निवासी कस्बा बिशारतगंज से एक जमीन चंदपुर बिचपुरी गाटा संख्या 289 में 300 वर्ग गज 6,70,000 रुपये में लेने व उसके एवज में 2 लाख रुपये देकर एग्रीमेंट किए जाने की बात की गई है। नरेश का आरोप है कि एग्रीमेंट के बाद भी न तो प्लॉट का बैनामा किया जा रहा है और न ही पैसे वापस किए जा रहे हैं। उल्टे जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि जांच से साफ है कि नरेश के नाम से कोई एग्रीमेंट नहीं हुआ है। अपंजीकृत इकरारनामा टीकाराम और शकुंतला देवी के मध्य हुआ है। वर्तमान में प्रकरण कोर्ट में चल रहा है। नरेश पाल व उनकी पत्नी और टीकाराम के बीच लेन-देन की कोई पुष्टि नहीं हुई है। नरेश पाल व उनकी पत्नी गुड्डी ने दबाव बनाने के लिए इस तरह का कृत्य किया है। इसके चलते दोनों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। भविष्य में भी यदि कोई इस तरह का कृत्य करता है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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