कांग्रेस के कई प्रमुख नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाकर तीखे बयान दिए हैं, लेकिन इतिहास दिखाता है कि ये हर बार विपक्ष के लिये उल्टा पड़ते रहे हैं। नीचे पाँच ऐसे प्रसंग हैं जहाँ कांग्रेस के ‘सेल्फ‑गोल’ ने भाजपा को चुनाव में फायदा पहुँचाया।
1. 2007 – सोनिया गांधी का ‘मौत के सौदागर’ बयान
गुजरात विधानसभा चुनाव 2007 के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मोदी‑शासन को ‘मौत के सौदागर’ कहकर हमला किया। यह टिप्पणी 2002 के गोधरा दंगों और सोहराबुद्दीन एनकाउंटर को लेकर थी, पर बीजेपी ने इसे सीधे मोदी पर व्यक्तिगत हमला कर दिया और चुनावी प्रचार में इस्तेमाल किया। परिणामस्वरूप बीजेपी ने 182 में से 117 सीटें जीत कर सत्ता बरकरार रखी, जबकि कांग्रेस को केवल 59 सीटें मिलीं।
2. 2014 – मणिशंकर अय्यर का ‘चाय‑बेचने वाला’ तंज
लोकसभा चुनाव 2014 से पहले कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा कि अगर मोदी चाहें तो कांग्रेस के सम्मेलन में उनके लिए चाय बेचने का इंतजाम किया जा सकता है। यह टिप्पणी मोदी की पारिवारिक पृष्ठभूमि को मजाक बनाने के रूप में पेश हुई। बीजेपी ने इसे बड़े पैमाने पर प्रचारित किया, जबकि मोदी ने इसे अपने ‘आम आदमी’ छवि का हिस्सा बना लिया। मई 2014 में बीजेपी ने 282 सीटें जीत कर बहुमत हासिल किया, जबकि कांग्रेस केवल 44 सीटों पर सिमट गई।
3. 2017 – अय्यर ने फिर कहा ‘नीच आदमी’
गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 के प्रचार में अय्यर ने मोदी को ‘नीच आदमी’ कहकर दोबारा हमला किया। बाद में उन्होंने शब्द के अर्थ को लेकर सफाई दी और माफी भी मांगी, पर कांग्रेस ने उन्हें निलंबित कर दिया। बीजेपी ने इस टिप्पणी को गुजरात और मोदी की सामाजिक पृष्ठभूमि के अपमान के रूप में उठाया। परिणामस्वरूप भाजपा ने 99 सीटें जीत कर सरकार बनाई, जबकि कांग्रेस को 77 सीटें मिलीं।
4. 2019 – राहुल गांधी का ‘चौकीदार‑चोर’ नारा
लोकसभा चुनाव 2019 में राहुल गांधी ने राफेल लड़ाकू विमान के सौदे को लेकर ‘चौकीदार चोर है’ का नारा लगाया। भाजपा ने तुरंत ‘मैं भी चौकीदार’ अभियान शुरू कर इसे ईमानदारी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ दिया। अंत में बीजेपी ने 303 सीटों के साथ भारी जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस को केवल 52 सीटें मिलीं। इस नारे के अलावा बालाकोट हमला, राष्ट्रीय सुरक्षा और मोदी की लोकप्रियता भी निर्णायक रहे।
5. 2025 – बिहार चुनाव में माँ‑संबंधी AI‑वीडियो विवाद
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान दरभंगा में मोदी और उनकी दिवंगत माँ को लेकर अपमानजनक नारे लगाए गए। बाद में कांग्रेस ने एक AI‑वीडियो जारी किया, जिसे भाजपा ने अपमानजनक कहा और माफी की मांग की। इस विवाद ने कांग्रेस‑RJD महागठबंधन को असहज कर दिया। चुनाव में NDA ने 202 सीटें जीत लीं, जबकि कांग्रेस केवल 6 सीटों पर सिमट गई।
इन सभी घटनाओं से स्पष्ट है कि कांग्रेस के व्यक्तिगत हमलों को भाजपा ने प्रभावी चुनावी मुद्दों में बदल दिया। निजी टिप्पणीें अक्सर मोदी की पृष्ठभूमि, गुजरात की प्रतिष्ठा और प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत अपमान को लेकर उठाई गईं, जिससे कांग्रेस को बार‑बार चुनावी नुकसान झेलना पड़ा।
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