न्यायालय परिसर, जहां आरोपियों की सुरक्षा के बीच पेशी कराई जाती है, वहीं पुलिस अभिरक्षा में पहुंचे एक आरोपी के फरार होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। नावकोठी थाना क्षेत्र के अरविंद सिंह के पुत्र अमित सिंह को अवैध खनन से जुड़े मामले में कोर्ट में पेश करने के लिए लाया गया था। लेकिन पेशी की कार्रवाई पूरी होने से पहले ही वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। घटना के बाद पुलिसकर्मियों में अफरातफरी मच गई और आरोपी की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी गई।
20 जनवरी की कार्रवाई से जुड़ा है मामला
अमित सिंह के खिलाफ मामला अवैध खनन के खिलाफ हुई कार्रवाई से जुड़ा बताया जा रहा है। 20 जनवरी को कार्रवाई के दौरान एक जेसीबी और पांच ट्रैक्टर जब्त किए गए थे। इसी मामले में पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए अमित सिंह को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश करने के लिए पुलिस अभिरक्षा में लाया गया था। हालांकि, कोर्ट पहुंचने के बाद वह पुलिस की निगरानी से निकलकर फरार हो गया।
पुलिस की निगरानी में था आरोपी, फिर भी भाग निकला
आरोपी को न्यायालय में पेश करने के दौरान पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी होती है कि उसे सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जाए और किसी भी स्थिति में भागने का मौका न मिले। इसके बावजूद अमित सिंह के फरार होने से ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सतर्कता पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह भी है कि क्या आरोपी को पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई थी या पुलिसकर्मियों की लापरवाही के कारण उसे भागने का मौका मिला। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं किसी दूसरे व्यक्ति ने आरोपी को फरार होने में मदद तो नहीं की।
सीसीटीवी फुटेज से पता लगाया जा रहा फरारी का रास्ता
घटना के बाद पुलिस ने कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अमित सिंह किस रास्ते से फरार हुआ और फरारी के समय उसके आसपास कौन-कौन लोग मौजूद थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या किसी व्यक्ति ने उसे भागने में मदद की थी। आरोपी की तलाश में पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। इसके साथ ही उसके परिचितों और संपर्क में रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है, ताकि उसके ठिकाने का पता लगाया जा सके।
अवैध खनन की कार्रवाई से कोर्ट से फरारी तक पहुंचा मामला
एक तरफ पुलिस ने अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक जेसीबी और पांच ट्रैक्टर जब्त किए थे, वहीं इसी मामले में गिरफ्तार आरोपी का पुलिस अभिरक्षा से फरार हो जाना अब पूरे घटनाक्रम को सवालों के घेरे में ले आया है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस आरोपी को पुलिस हिरासत में लेकर कोर्ट तक सुरक्षित पहुंचाया गया, उसे न्यायालय परिसर में ही सुरक्षित रखने में आखिर चूक कहां हुई।
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