अभिनेत्री मंदाकिनी को साल 1994-95 में दुबई शारजाह में भारत-पाकिस्तान के क्रिकेट मैच के दौरान अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम के साथ देखा गया। दोनों की फोटो ने सनसनी मचा दी। इस पर विवाद हुआ और साथ ही दोनों के रिश्तों को लेकर कई कहानियों ने सुर्खियां भी बटोरीं। हालांकि, मंदाकिनी ने हमेशा इस बात को खारिज किया। दिग्गज अभिनेत्री हाल ही में एक बार फिर इस बारे में बात करती दिखीं। विवादित तस्वीर के बाद हुई बदनामी पर उन्होंने क्या कहा? जानिए
वर्षों पुरानी विवादित तस्वीर पर छलका दर्द अभिनेत्री मंदाकिनी का दाउद के संग वायरल हुई तस्वीर और उसके बाद हुई बदनामी को लेकर दर्द छलक आया। उन्होंने कहा कि इस विवाद ने उनके करियर को चौपट कर दिया था। मंदाकिनी ने हाल ही में समाचार एजेंसी एएनआई के साथ अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद के साथ अपनी उस विवादित तस्वीर के बारे में बात की है, जो कई साल पहले सामने आई थी। उन्होंने एक बार फिर साफ किया कि उन्हें दाउद ने नहीं बुलाया था। वे एक शो के सिलसिले में दुबई गई थीं। उसी दौरान एक क्रिकेट मैच में शामिल हुई थीं, जहां वह तस्वीर ली गई थी।
'मुझे दाउद ने नहीं आमंत्रित किया था' मंदाकिनी ने कहा कि उस तस्वीर के बाद जो अटकलें और खबरें उड़ीं, उन पर उनका कोई बस नहीं था। एक आर्टिस्ट के तौर पर वे कई लोगों से मिलती-जुलती हैं और उनमें कोई फर्क नहीं करतीं। अभिनेत्री ने कहा, 'जो भी लोग लिखना चाहें, जो भी बोलना चाहें, इस पर हमारा कंट्रोल नहीं है। एक कलाकार को हजारों लोग मिलते हैं। हम सबके लिए बराबर हैं। बहुत सारे लोग साथ में...किसके लिए चुनें, किसके लिए चुनें ना करें... हम वहां किसी शो के लिए गए थे। मुझे दाउद ने आमंत्रित नहीं किया था'।
'फिल्मी करियर पर पड़ा असर' मंदाकिनी का कहना है कि उस तस्वीर का असर उनके फिल्मी करियर पर भी पड़ा। उन्होंने कहा, 'इस विवाद से काफी नुकसान हुआ। बाद में मुझे पता चला कि इन सब चीजों को संभालने के लिए एक टीम होनी चाहिए। मैंने हर जगह इन अफवाहों का खंडन किया'।
'कभी नहीं मिला 16-17 फिल्मों का पैसा' अभिनेत्री मंदाकिनी ने इसके अलावा हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के शुरुआती दौर पर भी बात की। उन्होंने सेट के खुशनुमा माहौल का जिक्र किया। मगर, साथ ही याद किया कि करीब 16-17 फिल्मों के लिए उन्हें कभी पेमेंट नहीं मिल पाया था। एएनआई से बातचीत में मंदाकिनी ने बताया कि उन्हें अपने साथियों के साथ काम करने में मजा आता था। उन्होंने फिल्म सेट के माहौल को अपनापन भरा और घर जैसा बताया। मंदाकिनी ने कहा, 'मुझे फिल्मों में काम करने में बहुत मजा आया। वे सभी बहुत अच्छी फिल्में थीं। काफी मिलनसार और सपोर्ट करने वाले लोग थे। वहां का माहौल बहुत मजेदार और घर जैसा था। अभिनत्री ने आगे कहा कि तब फिल्मों के कॉन्ट्रैक्ट कम पेचीदा होते थे। लोग कभी-कभी बस किसी एक्टर से फिल्म साइन करने के लिए कहते थे और पेमेंट की बात बाद में तय होती थी।
क्यों नहीं मिला कई सारी फिल्मों का पेमेंट? उन्होंने आगे बताया कि वे कभी-कभी बिना फीस लिए फिल्मों में काम करने के लिए तैयार हो जाती थीं। खासकर तब जब फिल्म निर्माता या साथी कलाकार कुछ दिनों के लिए उनसे मदद मांगते थे। जब मंदाकिनी से पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी मुफ्त में काम किया है, तो उन्होंने कहा, 'वे मुझसे 15 दिन काम करने के लिए कहते थे और मैं कहती थी, 'ठीक है, कोई बात नहीं'। हालांकि, मंदाकिनी ने बताया कि उन्हें ज्यादातर काम के लिए पैसे तो मिले, लेकिन कुछ फिल्में ऐसी भी थीं जिनके लिए उन्हें कभी कोई पैसा नहीं मिला। उन्होंने कहा, 'मुझे आखिर में पैसे मिल जाते थे, लेकिन 16-17 फिल्में ऐसी थीं जिनके लिए मुझे कभी पेमेंट नहीं मिला'। ऐसी स्थिति कैसे बनी? इस बारे में बताते हुए एक्ट्रेस ने कहा कि कुछ फिल्में अधूरी रह गईं या रिलीज नहीं हुईं, जबकि कुछ मामलों में आखिरी पेमेंट कभी नहीं मिला'।
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