गोपालगंज, 15 अप्रैल — आज जिला नागरिक परिषद (District Civil Society Council) की बैठक में आपदा प्रबंधन और स्वयंसेवकों की भूमिका पर गहन चर्चा हुई। इस बैठक में जिला प्रशासन के अधिकारी, स्थानीय गैर‑लाभकारी संगठनों के प्रमुख और क्षेत्रीय स्वयंसेवक प्रतिनिधि उपस्थित थे।
परिषद ने पिछले वर्ष के दौरान हुई बाढ़ और सूखे के अनुभवों पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे स्थानीय स्वयंसेवकों ने त्वरित राहत कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि भविष्य में आपदाओं के प्रति तत्परता बढ़ाने के लिए एक समन्वित ‘सामुदायिक आपदा प्रबंधन ढाँचा’ तैयार किया जाना चाहिए।
परिषद ने यह भी निर्णय लिया कि जिला स्तर पर एक ‘आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण केंद्र’ स्थापित किया जाएगा, जहाँ स्वयंसेवकों को प्राथमिक चिकित्सा, जल आपूर्ति प्रबंधन और निकासी प्रक्रियाओं में प्रशिक्षित किया जाएगा। इस केंद्र का संचालन स्थानीय स्वयंसेवी समूहों के साथ मिलकर किया जाएगा।
सत्र के दौरान, जिला आयुक्त ने बताया कि ‘रिलायंस फाउंडेशन’ और ‘ग्लोबल हेल्थ नेटवर्क’ जैसे राष्ट्रीय स्तर के NGOs के साथ साझेदारी करके प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता बढ़ाई जाएगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आपदा प्रबंधन में AI (Artificial Intelligence) आधारित पूर्वानुमान मॉडल का उपयोग करके जोखिम क्षेत्रों की पहचान की जा सकती है।
सभी प्रतिनिधियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि स्वयंसेवकों को ‘Best XI’ (सर्वश्रेष्ठ 11) के रूप में मान्यता देने का विचार अपनाया जाए, जिससे उनकी प्रेरणा और समाज में योगदान को बढ़ावा मिले। साथ ही, जिला प्रशासन ने स्वयंसेवकों के लिए ‘सुरक्षा एवं स्वास्थ्य पैकेज’ की व्यवस्था की घोषणा की।
बैठक के अंत में, आयुक्त ने यह आश्वासन दिया कि जिला सरकार, RBI (Reserve Bank of India) से प्राप्त फंडिंग का उपयोग करके आपदा प्रबंधन के लिए आवश्यक संसाधन जुटाएगी। उन्होंने कहा कि आगामी तिमाही में एक ‘इमरजेंसी प्रोटेक्शन फंड’ (Emergency Protection Fund) का निर्माण किया जाएगा, जिससे आपदा के समय तुरंत सहायता उपलब्ध हो सकेगी।
इस बैठक के दौरान, जिला के प्रमुख स्वयंसेवी समूह के अध्यक्ष ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हर परिवार को आपदा के समय सुरक्षित और समय पर सहायता मिले। यह पहल हमें समाज में एकजुटता और सहयोग की भावना जगाने में मदद करेगी।”
परिषद ने आगे चलकर हर छह महीने में एक ‘समीक्षा और मूल्यांकन बैठक’ आयोजित करने का निर्णय लिया, ताकि आपदा प्रबंधन योजनाओं की प्रभावशीलता का आकलन किया जा सके।
इस प्रकार, गोपालगंज में जिला नागरिक परिषद ने आपदा प्रबंधन और स्वयंसेवकों के कार्य को मजबूती देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए, जिससे क्षेत्र के निवासियों के लिए एक सुरक्षित और सुदृढ़ भविष्य की दिशा में एक नई पहल शुरू हुई।
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