धर्मनगरी चित्रकूट में जलप्रलय अभी थम नहीं रहा है। कई दिन से रोजाना रात भर हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मंदाकिनी समेत बरदहा और बाल्मीकि नदी उफान पर है। रामघाट में मंदाकिनी खतरे के निशान से तीन मीटर पहुंच चुकी है। नदी का जलस्तर तेजी से लगातार बढ़ रहा है। रामघाट में करीब एक सैकड़ा दुकानें जलमग्न हो गई है। गली और सड़कों के रास्ते लोगों के घरों के करीब मंदाकिनी का पानी पहुंच गया है। यूपी-एमपी प्रशासन ने अलर्ट जारी कर निचले इलाकों को खाली कराया है। एमपी क्षेत्र में जोरदार बारिश से मंदाकिनी से जुडी सेमरावली नदी उफान पर आ गई है। इसका पानी मंदाकिनी में पहुंचते ही तेजी से जलस्तर बढ़ने लगा।
मंगलवार को सुबह करीब साढ़े आठ मंदाकिनी खतरे के निशान से तीन मीटर ऊपर पहुंच गई। तीन दिन पहले मंदाकिनी में आई प्रलयकारी बाढ़ ने धर्मनगरी को जलमग्न कर दिया था। अभी तक प्रभावित लोग उस दर्द को सहन नहीं कर पाए है। एक बार फिर से धर्मनगरी में मंदाकिनी के उफनाने से स्थिति बिगड़ती नजर आने लगी है। नदी किनारे सैकड़ों मकान–दुकान डूब गए हैं। सड़कें नहर जैसी बन गई हैं। एक मंजिला मकानों और दुकानों की सिर्फ छत दिखाई दे रही है।
पिछले एक सप्ताह से यूपी-एमपी इलाके में मूसलाधार बारिश का दौर चल रहा है। सोमवार को दिन में बारिश थमने के बाद मंदाकिनी का जलस्तर देर शाम खतरे के निशान से नीचे पहुंच गया था। लेकिन देर रात से यूपी-एमपी इलाके में शुरु हुई मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर से धर्मनगरी के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। यूपी-एमपी प्रशासन पूरी तरह अलर्ट होकर निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों में पहुंचने की चेतावनी दे रहा है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पीएसी के साथ प्रशासनिक अधिकारी बाढ़ प्रभावित इलाकों में डट गए है। मंदाकिनी की तरफ जाने वाले रास्तों से होकर लोगों के मकानों तक पानी पहुंच गया है।
रामघाट में उफान मार रही मंदाकिनी ने फिर से दुकानों को जलमग्न कर दिया है। पाठा क्षेत्र में बरदहा और बाल्मीकि नदी उफान पर आ गई है। पाठा के बांध लबालब होने से उफनाने की स्थिति में है। बांधों का पानी उफनाकर नदियों में पहुंच रहा है। पाठा क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांव बाढ़ से घिर गए है। बाल्मीकि नदी के उफान में आने से ऐंचवारा गांव स्थित निचले इलाके के कई मकानों में पानी भर गया है। यहां पर बना मुक्तिधाम जलमग्न हो गया है। लोग सुरक्षित स्थानों की तरफ जाने लगे है। घरों में रखी गृहस्थी जलभराव में बर्बाद हो रही है।
वहीं सदर तहसील क्षेत्र के भारतपुर गांव के पास बना बरुआ बांध लबालब भर गया है। बांध के टूटने की संभावना को देखते हुए सिंचाई विभाग ने तीन गेट खोलवा दिए है। मंगलवार को सुबह गेट खोलकर बांध का पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। सहायक अभियंता सिंचाई ने एसडीएम सदर को पत्र भेजकर अवगत कराया है। कहा कि बरूआ बांध का जलस्तर 145.67 मीटर और क्षमता 17.88 एमसीएम पहुंच चुका है। बांध का जल स्तर इस समय तेजी से बढ रहा है। जिसके चलते तीन गेटों को करीब दो फीट खोला गया है। गेट से निकला पानी बरूआ नाले से होते हुए बागेन नदी में जाता है। बरूआ नाले के किनारे बसे भरथौल, मछरिया, तरांव, गोबरिया, टिटिहरा, मऊ और पहडिया आदि गांव बसे है। बांध से करीब 2280 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड निकल रहा है। जिससे बरूआ नाले के समीप बसे गांवों में दिक्कतें आने की संभावना है। सहायक अभियंता से जानकारी मिलने के साथ ही संबंधित गांवों में प्रशासन ने लोगों को अलर्ट किया है
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