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वैशाली जिले के हरिलोचनपुर थाना क्षेत्र के अफजलपुर पुरैना गांव में शनिवार देर रात एक यू-ट्यूबर की गिरफ्तारी को लेकर विवाद गहरा गया है। पुलिस का दावा है कि यू-ट्यूबर कुंदन कुमार को एक लोडेड देसी कट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया और उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस के इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए गिरफ्तारी को फर्जी और संयोजित कार्रवाई बताया है। घटना के बाद ग्रामीणों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई। मामला हाजीपुर कोर्ट तक पहुंचा, जहां ग्रामीणों के मुताबिक पुलिस हथियार बरामदगी से जुड़े पुख्ता साक्ष्य पेश नहीं कर सकी।
आधी रात घर पर पहुंची पुलिस, परिजनों ने मारपीट का लगाया आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात हरिलोचनपुर थाने की पुलिस ने यू-ट्यूबर कुंदन कुमार के घर पर छापेमारी की और उसे अपने साथ ले गई। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने गिरफ्तारी का कारण जानना चाहा तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी और मारपीट की। परिजनों का कहना है कि मारपीट के निशान पीड़ित के शरीर पर देखे जा सकते हैं। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि छापेमारी के दौरान पुलिस ने न तो कोई पंचनामा तैयार किया और न ही कानूनी प्रक्रिया का पालन किया।
थाने के बाहर जुटे सैकड़ों ग्रामीण, पुलिस के बदले बयान से बढ़ा आक्रोश
पुलिस कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद देर रात करीब एक बजे सैकड़ों ग्रामीण हरिलोचनपुर थाने पहुंच गए। ग्रामीणों के अनुसार, शुरुआत में थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें शांत कराते हुए कहा कि यू-ट्यूबर को केवल पूछताछ के लिए लाया गया है और सुबह परिजनों को बुलाया जाएगा। हालांकि, सुबह जब ग्रामीण और परिजन थाने पहुंचे तो पुलिस का रुख अलग नजर आया। थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि कुंदन कुमार को देसी कट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया है और उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के इस बदले हुए बयान के बाद ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया। परिजनों ने अपहरण की आशंका जताते हुए लिखित आवेदन देने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि थानाध्यक्ष ने आवेदन लेने से इनकार कर दिया।
हाजीपुर कोर्ट में पेशी के दौरान उठे हथियार बरामदगी पर सवाल
मामला उस समय और गंभीर हो गया जब पुलिस कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद कुंदन कुमार को रिमांड के लिए हाजीपुर कोर्ट लेकर पहुंची। ग्रामीणों के अनुसार, अदालत ने यू-ट्यूबर के पास से हथियार बरामदगी से जुड़े पुख्ता साक्ष्य और दस्तावेज मांगे। ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस अदालत के समक्ष ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सकी। इसके बाद कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई और साक्ष्यों के अभाव में यू-ट्यूबर को रिमांड पर लेने से इनकार कर दिया।
सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर बहस
घटना के बाद सोशल मीडिया पर वैशाली पुलिस की कार्यशैली को लेकर बहस तेज हो गई है। लोग पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी के तरीके पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, ग्रामीण और परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं।
पुलिस ने कहा- नियमानुसार कोर्ट में किया गया पेश
इस पूरे मामले को लेकर हरिलोचनपुर थानाध्यक्ष राकेश कुमार से संपर्क किया गया। उन्होंने कहा कि यू-ट्यूबर कुंदन कुमार को नियमानुसार न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए भेजा गया था। हालांकि, मामले की विस्तृत जानकारी लेने के बाद ही आगे की कार्रवाई के संबंध में स्पष्ट जानकारी दी जा सकती है। फिलहाल, यू-ट्यूबर की गिरफ्तारी और हथियार बरामदगी को लेकर पुलिस के दावे तथा ग्रामीणों और परिजनों के आरोपों में विरोधाभास बना हुआ है। घटना के बाद से अफजलपुर पुरैना गांव और आसपास के इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
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