यूपी के एटा में 17 महीने पहले हुई पवन हत्याकांड की परतें अब खुल सकी। पवन की प्रेम-प्रसंग में हत्या हुई थी। पुलिस ने मामले में महिला को पकड़कर हत्या के खुलासे का दावा किया है। पुलिस के अनुसार पवन महिला को अपने साथ रखने की जिद करता था। महिला पति, बच्चों को छोड़कर जाना नहीं चाहती थी। पवन की जिद को देखते हुए देवर के साथ मिलकर हत्या की घटना को अंजाम दिया। कानूनी कार्रवाई के बाद महिला को जेल भेज दिया गया है। थाना नयागांव के गांव नगला तारा निवासी पिता ने नंदराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जिसमें बताया था कि 22 वर्षीय बेटा पवन 25 अप्रैल 2024 की शाम करीब पांच बजे घर से सराय अगहत बाजार जाने की बात कहकर निकला था। इसके बाद वह घर नहीं पहुंचा। काफी तलाश के बाद न मिलने पर घरवालों ने तीन मई 2024 को थाना नयागांव में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। मामले में कार्रवाई न होने पर घरवाले भटकत रहे। उच्चाधिकारियों से शिकायत के सात महीने बाद अपहरण की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। सीओ अलीगंज राजेश कुमार सिंह ने बताया कि विवेचना के दौरान पता चला कि 29 अक्तूबर 2025 को कोतवाली देहात क्षेत्र के जाबड़ा नहर में एक अज्ञात शव मिला था।
शव की पहचान नहीं होने के कारण पुलिस ने उसके फोटो, कपड़े, सैंडिल, शरीर पर बने टैटू, दाहिने हाथ में बंधे कलावे तथा अन्य पहचान चिन्हों को सुरक्षित रखा था। पुलिस ने इन पहचान चिन्हों को घरवालों को दिखाया। इसके बाद घरवालों ने शिनाख्त की। इसके बाद पुलिस ने अपहरण के साथ ही हत्या की धारा भी बढ़ाई। एसएचओ नयागांव आरके सिंह, टीम ने अपहरण, हत्या में शामिल महिला निवासी सिकंद्रराऊ जिला हाथरस को पकड़ा। पूछताछ में सामने आया है कि मृतक का महिला के साथ प्रेम-प्रसंग था। महिला को अपने साथ रखना चाहता था। महिला ने साथ जाने से मना कर दिया था।
पवन की जिद के बाद महिला ने अपने देवर के साथ योजना बनाई। सीओ ने बताया कि 25 अप्रैल को महिला ने पवन को बुलाया और कहीं बाहर चलने के लिए कहा। एक दिन साथ रहे और अगले दिन 26 अप्रैल को हजारा नहर के पास पहुंचे। महिला ने गर्मी होने की बात कहते हुए कुछ देर के लिए रुकने के लिए कहा। वहीं पर महिला का देवर भी आ गया। दोनों ने मिलकर पवन को नहर में धक्का मार दिया। आरोपी देवर की हत्या के कुछ दिन बाद ही गई थी मौत सीओ राजेश कुमार सिंह ने बताया कि पवन की हत्या के तीन बाद ही आरोपी देवर की भी मौत हो गई। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी देवर की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। वहीं महिला दिल्ली चली गई थी। महिला की तलाश में पुलिस दविश दे रही थी।
एसएसपी एटा डॉ. इलामारन जी ने बताया कि सीओ राजेश कुमार सिंह नहर में शव मिलने के बाद घरवाले शुरुआत में सही तरीके से पहचान नहीं कर पा रहे थे। जिसके बाद डीएनए लिया गया था और डीएनए लेकर जांच के लिए भेजा गया था। पर्याप्त सैंपल न होने के कारण डीएनए की जांच नहीं हो पाई थी। जिसके चलते भी खुलासे में समय लग गया। वादी दिवस में वादी को बुलाया गया था। वादी से बात हुई थी। इस मामले में गहनता से जांच करने के लिए कहा गया। पुलिस ने जब इस मामले में पूछताछ की तो घटना खुल गई। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जेल भेजा गया गया। अभी भी इस मामले में गंभीरता से विवेचना कराई जा रही है।
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