धनतेरस हर साल कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को मनाया जाता है। माना जाता है कि इस दिन कुबेर, धनवंतरी और लक्ष्मी माँ की पूजा से घर‑घर में समृद्धि, स्वास्थ्य और धन‑धारणा में वृद्धि होती है। सोना‑चाँदी की खरीदारी भी इस दिन अत्यंत शुभ मानी जाती है, जिससे वित्तीय स्थिति में कई गुना बढ़ोतरी होती है।
2026 के धनतेरस का अंतिम शुभ मुहूर्त शाम 5:49 बजे से लेकर रात 8:23 बजे तक रहेगा। इस अवधि में पूजा‑अर्चना और खरीदारी दोनों को करना सबसे लाभदायक माना गया है। भौगोलिक अंतर के कारण शहर‑दर‑शहर समय में कुछ मिनट का फर्क हो सकता है, इसलिए अपने क्षेत्र का सही समय नीचे देखें।
धनतेरस शुभ मुहूर्त – शहरवार समय
दिल्ली‑NCR: 6:02 से 7:57 बजे | लखनऊ: 5:50 से 7:47 बजे | कानपुर: 5:54 से 7:50 बजे | वाराणसी: 5:44 से 7:42 बजे | प्रयागराज: 5:48 से 7:45 बजे | अयोध्या: 5:46 से 7:43 बजे | गोरखपुर: 5:41 से 7:38 बजे | आगरा: 6:02 से 7:58 बजे | मेरठ: 6:00 से 7:56 बजे | पटना: 5:36 से 7:33 बजे | गया: 5:38 से 7:36 बजे | मुजफ्फरपुर: 5:35 से 7:31 बजे | भागलपुर: 5:30 से 7:27 बजे | तकरांची: 5:39 से 7:38 बजे | जमशेदपुर: 5:37 से 7:35 बजे | धनबाद: 5:34 से 7:32 बजे | भोपाल: 6:10 से 8:08 बजे | इंदौर: 6:17 से 8:16 बजे | उज्जैन: 6:18 से 8:16 बजे | ग्वालियर: 6:03 से 8:00 बजे | जबलपुर: 6:01 से 7:59 बजे | तकरायपुर: 5:58 से 7:57 बजे | देहरादून: 5:56 से 7:51 बजे | ऋषिकेश: 5:56 से 7:51 बजे | चंडीगढ़: 6:00 से 7:54 बजे | जयपुर: 6:11 से 8:07 बजे | जोधपुर: 6:24 से 8:20 बजे | उदयपुर: 6:24 से 8:21 बजे | कोटा: 6:14 से 8:11 बजे | अजमेर: 6:17 से 8:13 बजे | शिमला: 5:58 से 7:53 बजे | लुधियाना: 6:04 से 7:58 बजे | अमृतसर: 6:06 से 8:01 बजे | कोलकाता: 5:28 से 7:26 बजे | सिलीगुड़ी: 5:21 से 7:18 बजे | मुंबई: 6:35 से 8:35 बजे | बेंगलुरु: 6:25 से 8:20 बजे | चेन्नई: 6:14 से 8:10 बजे | हैदराबाद: 6:15 से 8:13 बजे | पुणे: 6:32 से 8:31 बजे | अहमदाबाद: 6:30 से 8:28 बजे | सूरत: 6:33 से 8:32 बजे | नागपुर: 6:08 से 8:07 बजे | भुवनेश्वर: 5:42 से 7:42 बजे | गुवाहाटी: 5:08 से 7:05 बजे
धनतेरस की पूजा‑विधि
शाम को सबसे पहले माँ लक्ष्मी, भगवान कुबेर और धन्वंतरि की पूजा‑अर्चना करें। फिर यमराज के नाम से चौमुखा दीपक तैयार करें – सरसों या तिल के तेल में चार बत्तियाँ लगाएँ, दीपक के नीचे थोड़ा सा साबुत चावल (अक्षत) रखें और इसे घर के मुख्य द्वार की दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जलाएँ। दीपक जलाने के बाद हाथ जोड़कर यमराज का स्मरण करें और परिवार के सभी सदस्यों की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और अकाल मृत्यु से सुरक्षा की प्रार्थना करें।
उपरोक्त समय‑सीमा में पूजा‑अर्चना और खरीदारी करने से इस धनतेरस पर आपके घर में समृद्धि और खुशहाली का द्वार खुलेगा। शुभ धनतेरस!
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