गंडक का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर, बगहा-1, बगहा-2, पिपरासी, भितहा, मधुबनी, ठकराहा, योगापट्टी, बैरिया और नौतन प्रखंड के निचले इलाकों में माइकिंग कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीण मवेशियों, बच्चों और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं।
बाढ़ की आशंका के बीच डीएम तरनजोत सिंह, डीडीसी काजले वैभव, एसपी कुमार गौतम, बेतिया एसडीएम विकास कुमार, बगहा एसडीएम चांदनी कुमार और नरकटियागंज एसडीएम अभिजीत कुमार गोविंदा समेत प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने गंडक, सिकरहना और अन्य नदियों के तटबंधों का जायजा लिया। डीएम ने बगहा में तटबंधों का निरीक्षण करते हुए अभियंताओं और अधिकारियों को जलस्तर पर लगातार नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रहने का निर्देश दिया।
गंडक किनारे स्थित 10 प्रभावित प्रखंडों के निचले इलाकों से सुरक्षित निकाले गए लोगों के लिए राहत व्यवस्था तेज कर दी गई है। प्रशासन की ओर से बाढ़ आश्रय केंद्र, सामुदायिक रसोई, पर्याप्त नावों और शेल्टर होम की व्यवस्था की जा रही है।
बुधवार दोपहर गंडक बराज से जल प्रवाह बढ़ता गया। दोपहर दो बजे 1.06 लाख क्यूसेक, तीन बजे 1.10 लाख क्यूसेक और शाम चार बजे 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे नेपाल की ओर से बढ़ते जलप्रवाह को लेकर चिंता बढ़ गई। हालांकि, शाम पांच बजे डिस्चार्ज घटकर 1.09 लाख और शाम सात बजे तक 1.04 लाख क्यूसेक हो गया। इससे लोगों को कुछ राहत मिली। प्रशासन के अनुसार नेपाल से आने वाला मुख्य जलप्रवाह देर रात या गुरुवार तक वाल्मीकिनगर पहुंच सकता है। इसे देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।
नेपाल में अचानक आई बाढ़ को लेकर पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। नेपाल से गंडक नदी में पानी छोड़े जाने के बाद संभावित खतरे को देखते हुए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने बुधवार को समाहरणालय स्थित एनआईसी कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए अरेराज, संग्रामपुर, पहाड़पुर और केसरिया समेत तटवर्ती इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। अरेराज, संग्रामपुर और पहाड़पुर अंचल के लिए एक एनडीआरएफ टीम तथा केसरिया प्रखंड के लिए दूसरी टीम तैनात की गई है। प्रभावित इलाकों में पर्याप्त नावों की व्यवस्था की गई है। सभी आश्रय स्थलों के भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट भी तलब की गई है।
प्रशासन ने बांध के निचले और किनारे बसे इलाकों के बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर भेजने का निर्देश दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में माइकिंग कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। साथ ही मवेशियों के लिए चारा और राहत-बचाव सामग्री की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
डीएम सौरभ सुमन यादव ने संग्रामपुर के पुछरिया और डुमरियाघाट में गंडक नदी के जलस्तर तथा तटबंधों का निरीक्षण किया। बाढ़ प्रमंडल मोतिहारी के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि जिले के सभी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं। डीएम ने संभावना जताई कि नेपाल की बाढ़ का पानी गुरुवार तक पूर्वी चंपारण की गंडक नदी में पहुंच सकता है। उन्होंने लोगों से घबराने की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। संबंधित सीओ और पुलिस अधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है।
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