तिब्बत क्षेत्र में हुए ग्लेशियर विस्फोट की वजह से नेपाल में भीषण बाढ़ के हालात बने हुए हैं। इस पानी का प्रवाह भारत की तरफ ही है, ऐसे में बिहार सरकार ने सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। बिहार सरकार किसी भी आपात हालात से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारी कर रही है। इन्हीं तैयारियों की समीक्षा करने के लिए बुधवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आपात बैठक हुई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल समेत तमाम अधिकारी भी उपस्थित रहे।
सामने आई जानकारी के मुताबिक शाम को 7:30 बजे हुई बैठक में मुख्य अधिकारियों ने मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण एवं वैशाली के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के साथ तैयारियों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण रखने तथा संभावित फ्लैश फ्लड की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत एवं बचाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने, आवश्यकतानुसार राहत सामग्री एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा संबंधित विभागों के साथ प्रभावी समन्वय बनाए रखने को कहा।
मुख्य सचिव ने इन जिला प्रशासनों के बड़े अधिकारियों और जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को रातभर स्थिति पर निरंतर निगरानी रखते हुए अलर्ट मोड में रहने के निदेश दिए। तटबंधों की निगरानी हेतु चौकीदारों एवं होमगार्ड के जवानों के माध्यम से लगातार पैट्रोलिंग करने के निदेश दिए। साथ ही NDRF एवं SDRF टीमों को भी अलर्ट मोड पर रहने के निदेश दिए गए ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोगों को त्वरित गति से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
इस बैठक के दौरान पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी ने बताया कि सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए तटबंध के आसपास के इलाकों से करीब 5000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। इसके अलावा अन्य जिलों के जिला पदाधिकारियों के द्वारा भी अपनी तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उनके द्वारा बताया गया कि वर्तमान में स्थिति सामान्य है परंतु जलस्तर के बढ़ने की स्थिति में लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाने की व्यवस्था कर ली गई है। राहत केंद्रों एवं कम्युनिटी किचन स्थलों को चिन्हित कर लिया गया है तथा चिकित्सीय दल को भी राहत केंद्रों/कम्युनिटी किचन स्थल के साथ टैग कर दिया गया है। साथ ही जिलाधिकारियों ने बताया कि चौकीदारों तथा होमगार्ड जवानों के द्वारा तटबंधों की सतत निगरानी की जा रही है।
गौरतलब है कि तिब्बत से आई बाढ़ की वजह से चीन-नेपाल बॉर्डर के ग्यिरोंग इलाके में तबाही मची हुई है। लगातार जलस्तर बढ़ा हुआ है। अभी तक 95 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं लगातार राहत और बचाव का कार्य किया जा रहा है। यह पानी आगे भारत की तरफ बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में बिहार सरकार लगातार ऐक्शन मोड में बनी हुई है। सरकार ने आम जनों से अपील की है कि वह किसी भी तरीके की फेक न्यूज से बचें और अफवाहों पर ध्यान न दें। केवल आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही भरोसा करें तथा किसी भी प्रकार की अपुष्ट सूचना को प्रसारित करने से बचें।
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