गयाजी शहर में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब गया बार एसोसिएशन के हजारों अधिवक्ता पुलिस कार्रवाई के विरोध में सड़क पर उतर आए। अधिवक्ताओं ने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामला बार एसोसिएशन को आवंटित जमीन पर बनाए जा रहे पार्किंग स्थल के निर्माण को पुलिस द्वारा रुकवाने से जुड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस के वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराने की कोशिश में जुट गए।
पुलिस के काम रुकवाने से शुरू हुआ विवाद प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गया बार एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ताओं के वाहनों की पार्किंग के लिए एक स्थल का निर्माण कराया जा रहा था। इसी दौरान अचानक सिविल लाइन थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और निर्माण कार्य को रोकवा दिया। इसके बाद गया बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, सचिव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौके पर पहुंचे। अधिवक्ताओं ने पुलिस से निर्माण कार्य रोकने का आदेश और संबंधित कागजात दिखाने की मांग की। उनका कहना था कि अगर कोई आधिकारिक आदेश है तो उसे दिखाया जाए, तभी काम रोका जाएगा।
बहस के बाद बढ़ा मामला, सड़क पर उतरे अधिवक्ता निर्माण कार्य को लेकर पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच काफी देर तक बहस हुई। अधिवक्ताओं का आरोप है कि पुलिस द्वारा उचित दस्तावेज नहीं दिखाए गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच माहौल गर्म हो गया। इसके बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क जाम होने से आवागमन बाधित हो गया। प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद गया के एसएसपी, सदर एसडीओ सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
डीएम द्वारा जमीन आवंटित करने का दावा गयाजी बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव सत्येंद्र कुमार ने बताया कि यह जमीन डीएम द्वारा बार एसोसिएशन को आवंटित की गई है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले डीएम, सीओ और कर्मचारियों की मौजूदगी में जमीन की मापी भी की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सिविल लाइन थाना की पुलिस बिना किसी आदेश के निर्माण कार्य रोकने पहुंच गई। उन्होंने कहा कि पुलिस से आदेश दिखाने की मांग की गई, लेकिन कोई कागज प्रस्तुत नहीं किया गया। सत्येंद्र कुमार ने कहा कि अगर पुलिस का यही रवैया रहा तो आम जनता के साथ पुलिस किस तरह व्यवहार करती होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर अधिवक्ता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं।
अधिवक्ताओं ने कार्रवाई की मांग की अधिवक्ता शर्मिला कुमारी ने कहा कि बार एसोसिएशन की जमीन पर करीब एक साल से काम चल रहा है। यह जमीन डीएम द्वारा दी गई है और निर्माण कार्य पूरी तरह नियम के अनुसार हो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना किसी लिखित आदेश के पुलिस ने काम कैसे रुकवा दिया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता हमेशा कानून के दायरे में रहकर काम करते हैं, इसलिए किसी भी कार्रवाई के लिए उचित आदेश होना जरूरी है।
अधिकारियों और बार एसोसिएशन के बीच वार्ता जारी सड़क जाम के बाद एसएसपी और सदर एसडीओ ने मौके पर पहुंचकर अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया। खबर लिखे जाने तक पुलिस अधिकारियों और गया बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के बीच बंद कमरे में बातचीत चल रही थी। अधिकारियों ने जल्द समाधान निकालने की बात कही है।
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