खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेगूसराय में बाढ़ के पानी में सेल्फी और मौज-मस्ती करना शनिवार को दो महिलाओं के लिए जानलेवा साबित होते-होते बचा। लखमिनियां-मसूदनपुर पथ स्थित चेचियाही ढाला के समीप बाढ़ के पानी में नहाते समय दोनों महिलाएं गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। महिलाओं को डूबता देख घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया। संयोग से पास में नाव मौजूद थी। नाविक ने तत्परता दिखाते हुए दोनों महिलाओं को सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने दोनों को इलाज के लिए निजी क्लिनिक पहुंचाया, जहां उपचार के बाद उनकी हालत सामान्य बताई गई।
बताया जाता है कि लखमिनियां-मसूदनपुर पथ स्थित चेचियाही ढाला पर पिछले करीब छह दिनों से बाढ़ का पानी बह रहा है। बाढ़ के कारण आवागमन प्रभावित है। इसके बावजूद पानी देखने और सेल्फी लेने के लिए सुबह-शाम बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं। कई लोग पानी की गहराई और तेज बहाव की अनदेखी कर पानी के किनारे खड़े होकर फोटो और वीडियो बनाने में जुटे रहते हैं। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है।
नाविक बना देवदूत शनिवार को दो महिलाएं भी बाढ़ के पानी में नहाने के दौरान मोबाइल से सेल्फी और वीडियो बना रही थीं। इसी दौरान वे धीरे-धीरे गहरे पानी की ओर चली गईं। पानी की गहराई अधिक होने के कारण दोनों डूबने लगीं। महिलाओं को परेशानी में देख घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को सतर्क किया। इसी दौरान नाविक की नजर भी दोनों महिलाओं पर पड़ी। उसने बिना देर किए नाव लेकर महिलाओं के पास पहुंचकर उन्हें पानी से बाहर निकाल लिया।
लोगों ने तत्काल दोनों महिलाओं को निजी क्लिनिक पहुंचाया दोनों महिलाओं को बाहर निकालने के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल उन्हें निजी क्लिनिक में पहुंचाया। चिकित्सकीय उपचार के बाद दोनों की स्थिति सामान्य बताई गई। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। समय रहते नाविक द्वारा दिखाई गई तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।
डूबने से बचाई गई दोनों महिलाओं की पहचान नगरगामा निवासी उपेंद्र पासवान एवं योगेंद्र पासवान की शादीशुदा पुत्रियों के रूप में हुई है। बताया गया कि दोनों रक्षाबंधन के अवसर पर अपने मायके आई हुई थीं। इसी दौरान वे अन्य लोगों के साथ चेचियाही ढाला पहुंची थीं। ये भी पढ़ें- सफर होगा सरल: 67 पिलरों पर टिका 9.76 किमी लंबा महासेतु, पटना-उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार
स्थानीय लोगों ने बताया कि बाढ़ के पानी में कई स्थानों पर गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल है। ऊपर से पानी का बहाव भी तेज है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। लोगों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित मार्गों और जलजमाव वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है।
इस संबंध में अंचल अधिकारी आकाश कुमार ने लोगों से अपील की है कि बाढ़ के पानी में अनावश्यक रूप से नहीं उतरें। उन्होंने कहा कि पानी की गहराई और बहाव का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। विशेष रूप से सेल्फी या वीडियो बनाने के लिए जोखिम उठाने से बचें। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में सावधानी बरतना ही सुरक्षित रहने का सबसे बेहतर उपाय है।
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!