वाल्मीकिनगर बराज से पानी छोड़े जाने की मात्रा शाम छह बजे 1.88 लाख क्यूसेक हो गई। लगातार बढ़ते डिस्चार्ज से गंडक से सटे दियारा के गांवों में दहशत है। मधुबनी प्रखंड के रेवहिया गांव में तेज कटाव की चपेट में आकर तीन घर नदी में समा गए। चुलभट्ठा, ठाड़ी, चकदहवा समेत निचले इलाकों में कटाव का खतरा बढ़ गया है। पूर्वी चंपारण के डुमरियाघाट में गंडक का जलस्तर 62.92 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर है। गोपालगंज में भी पिछले 24 घंटे में गंडक का जलस्तर 30 सेंटीमीटर बढ़ा है।
पथ निर्माण मंत्री सह बिहपुर विधायक ईं. शैलेन्द्र भी बुधवार को पूरे दिन राघोपुर घाट पर मुस्तैद रहे। उन्होंने बचाव कार्यों की जानकारी ली। प्रशासन और विभागीय टीम की सक्रियता से बुधवार को कटाव थमा रहा, लेकिन गंगा की लगातार बदलती धारा और तेज भंवर के कारण तटवर्ती लोगों की चिंता अभी कम नहीं हुई है।
उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि भागलपुर नदी के किनारे मिट्टी के कटाव के कारण स्थिति खतरनाक बनी हुई है। ज्यादा कटाव नहीं हो इसके लिए बड़े-बड़े स्टीमर को भी काम में लगाया गया है। बुधवार को उन्होंने मीडिया के सवाल पर कहा कि गंगा नदी के बहाव में इस साल बड़ा बदलाव देखने को मिला है। स्थिति धारा मुड़ने जैसी है। अंडर माइनिंग (अंदर से मिट्टी का कटाव) के कारण ज्यादा दिक्कत है। नदी के बर्ताव में भी काफी बदलाव आया है।
उन्होंने कहा कि इसके लिए निगरानी तेज कर दी गई है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सोन नदी में पानी का स्तर बढ़ा है। इंद्रपुरी बराज से पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। गंडक और कोसी बराज से 1.75 से 2 लाख क्यूसेक पानी आ रहा है। स्थिति नियंत्रण करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। कुछ जगहों पर नुकसान के बाबजूद स्थिति नियंत्रण में रखने की कोशिश की जा रही है।
बिहार में गंगा, कोसी, पुनपुन, सोन, गंडक सहित राज्य की सभी प्रमुख नदियां उफान पर हैं। बुधवार को प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इस कारण निचले इलाके में पानी फैलने से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। आपदा प्रबंधन और जल संसाधन विभाग ने गंगा, पुनपुन, सोन में जलस्तर बढ़ने के बाद छह जिलों पटना, भोजपुर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल और गया को अलर्ट किया है।
एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 09 टीमों को विभिन्न संवेदनशील जिलों में तैनात किया गया है। भोजपुर के कोइलवर से एक गांव को खाली कराकर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया। भागलपुर के सबौर और खरीक प्रखंड में जलसंसाधन विभाग की टीम कटाव रोकने को मुस्तैद है। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल और जलसंसाधन सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बुधवार को काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध का जायजा लिया।
बांका जिले में फुल्लीडुमर प्रखंड के खेसर-तारापुर मुख्य मार्ग में बहोरना गांव के समीप लोहागढ़ नदी पर निर्माणाधीन पुल का डायवर्सन बुधवार की शाम नदी की तेज धारा में टूटकर बह गया। डायवर्सन टूटने के बाद इस मार्ग पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है।
● चंपारण: वाल्मीकिनगर बराज से 1.88 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया
● समस्तीपुर: गंगा खतरे के निशान से 1.45 मीटर ऊपर
● निचले इलाकों के स्कूलों में पानी घुसा, कई जगह पढ़ाई बंद
● भागलपुर-नवगछिया: पुरानी रेलवे लाइन को बचाने के लिए मेगा बैग और जियो बैग डाले जा रहे
● सुपौल-सहरसा-मधेपुरा: सहरसा के दियारा क्षेत्रों में कटाव और विस्थापन का खतरा, मधेपुरा में सड़कों पर पानी
● गोपालगंज: गंडक के जलस्तर में 24 घंटे में 30 सेंटीमीटर वृद्धि, आज और बढ़ोतरी की आशंका
● सारण: गंगा, सरयू, सोन और गंडक के उफान से छह प्रखंड प्रभावित। पंचायतों का संपर्क टूटा,
● बक्सर: गंगा के जलस्तर से दियारा गांव घिरे, खेतों में पानी फैलने
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