पुनपुन नदी में उफान से बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। पुनपुन नदी का जलस्तर 24 घंटे में नौ सेंटीमीटर बढ़कर सोमवार को 53.55 मीटर तक पहुंच गया। जो खतरे के निशान से 2.95 मीटर ऊपर है। पुनपुन मुख्य बाजार समेत 2675 घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। पटना जिले के पांच प्रखंडों की 23 पंचायतों के एक लाख 31 हजार लोग पुनपुन के पानी से घिर गए हैं। सोमवार सुबह पुनपुन प्रखंड के बड़हियाकोल के समीप जमींदारी बांध लगभग 15 फीट टूट गया, जिससे 12 गांवों में हालात गंभीर हो गए हैं।
नौबतपुर के छह गांवों में तटबंधों के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे आवागमन ठप है। फतुहा की पीतांबरपुर पंचायत के सैदपुर गांव के वार्ड सात और आठ के लगभग 200 घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। यहां कई घरों में दो से तीन फीट तक पानी घुस चुका है। गौरीचक इलाके के चंदासी गांव में बने 108 फीट ऊंचे अर्धनारीश्वर मंदिर परिसर में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। मसौढ़ी अनुमंडल के भगवानगंज के खैनिया गांव में बाढ़ से चार मिट्टी के घर गिर गए हैं।
पटना। पटना में गंगा और सोन नदी के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आने लगी है। मोकामा के हाथीदह को छोड़कर पटना जिले के अन्य सभी घाटों पर गंगा के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर में करीब 20 से 25 सेमी तक की कमी आई है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, प्रयागराज, वाराणसी और बक्सर में गंगा के जलस्तर में करीब तीन मीटर तक की गिरावट आई है। इसका असर पटना में भी दिखने लगा है। मनेर से लेकर हाथीदह तक गंगा के जलस्तर में कमी का रुख है। कुछ स्थानों पर पानी करीब एक सेमी प्रति घंटे की दर से कम हो रहा है। हालांकि, हाथीदह में गंगा का जलस्तर उच्चतम स्तर के आसपास बना हुआ है।
पुनपुन नदी के पानी से चार प्रखंडों में लगभग 10,100 एकड़ में लगी फसलें डूब गई हैं। किसान चिंतित हैं। नौबतपुर के किसान सिद्धि कुमार व अन्य ने बताया कि प्रखंड की देवरा, बारा समेत पांच पंचायतों में लगी 5000 एकड़ फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। वहीं, पुनपुन प्रखंड में 4100 एकड़, फतुहा और मसौढ़ी में 500-500 एकड़ में लगी फसलें बर्बाद हो गई है। किसानों का कहना है कि बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है। समय रहते राहत नहीं पहुंची तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। पटना जिला कृषक संघर्ष समिति के अध्यक्ष अजय कुमार ने सरकार से बाढ़ में बर्बाद हुई फसलों का सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
नौबतपुर की पांच पंचायतों में बाढ़ से हालात बिगड़ गए हैं। बखोरदारचक, पनहारा, करदाहां, मितनचक, खैरा और सलारपुर में पुनपुन नदी का पानी सुरक्षा तटबंध के ऊपर से बह रहा है। इससे निचले इलाकों में तेजी से पानी फैल रहा है। करंजा और खजुरी, सावरचक पंचायत के 12, बारा और देवरा पंचायत के 15 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। बाढ़ का पानी लगभग 500 घरों में घुस गया है, जबकि ग्रामीण संपर्क मार्गों के डूबने से छह गांवों का आवागमन पूरी तरह से ठप है।
भाकपा माले के नेतृत्व में बाढ़ पीड़ितों ने सोमवार को फतुहा प्रखंड मुख्यालय का घेराव किया। पीड़ितों ने बाढ़ राहत चलाने, प्रति परिवार 20 हजार रुपये राहत राशि देने और फसल क्षतिपूर्ति की मांग
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