रक्षाबंधन के मौके पर मेरठ जिला कारागार में भाई-बहन के रिश्ते की भावुक तस्वीरें देखने को मिलीं. जेल में बंद भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए करीब 2500 बहनें पहुंचीं. सुबह से ही जेल के बाहर बहनों की लंबी कतारें लग गईं. जेल प्रशासन ने राखी बांधने आने वाली बहनों के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की थीं. जेल प्रशासन के मुताबिक, देर रात तक राखी उत्सव चलेगा. जेल पहुंचने वाली बहनों की उनके भाइयों से मुलाकात कराई गई. सुरक्षा व्यवस्था के बीच बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उन्हें मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन का त्योहार मनाया.
इस रक्षाबंधन पर मेरठ जिला कारागार में एक अलग और भावुक तस्वीर भी देखने को मिली. सौरभ हत्याकांड की मुख्य आरोपी और ‘ब्लू ड्रम वाली’ के नाम से चर्चित मुस्कान भी जेल में रक्षाबंधन मनाया. लेकिन उससे राखी बंधवाने के लिए उसका भाई जेल नहीं पहुंचा. ऐसे में जेल प्रशासन ने उन महिला बंदियों के लिए अलग व्यवस्था की है, जिनके भाई किसी कारणवश उनसे राखी बंधवाने नहीं पहुंच पाए. ऐसी महिला बंदियां जेल अधिकारियों की कलाई पर राखी बांध सकती हैं. जेल अधिकारी भी उनकी राखी बंधवाकर भाई की भूमिका निभा रहे हैं.
मेरठ जेल के बाहर बहनों की लंबी कतार
मुस्कान ने भी जेल के वरिष्ठ अधिकारियों की कलाई पर राखी बांधकर रक्षाबंधन मनाया. वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि जिन महिला बंदियों से मिलने के लिए कोई नहीं आता, वे आखिर में जेल अधिकारियों को राखी बांध सकती हैं. जेल में बंद कई अन्य महिला बंदियों से राखी बंधवाने के लिए उनके भाई भी पहुंचे. बहनों ने भाइयों से मुलाकात की और उनकी कलाई पर राखी बांधी. वहीं कुछ ऐसी महिला बंदियां भी हैं, जिनके परिवार ने उनसे संबंध तोड़ लिए हैं. ऐसी महिलाओं के लिए जेल अधिकारी ही भाई की भूमिका निभा रहे हैं.
मेरठ की चर्चित ‘नीले ड्रम’ वाली हत्या के मामले में मुस्कान रस्तोगी आरोपी है. पुलिस ने उसे 18-19 मार्च 2025 को गिरफ्तार किया था. मुस्कान पर अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या करने और शव को नीले ड्रम में सीमेंट से सील करने का आरोप है. रक्षाबंधन पर इस बार मुस्कान ने जेल में ही त्योहार मनाया. उसका भाई उससे राखी बंधवाने जेल नहीं पहुंचा. इसके बाद जेल प्रशासन की व्यवस्था के तहत मुस्कान ने जेल अधिकारियों की कलाई पर राखी बांधी.
मुस्कान ने भी जेल में मनाया रक्षाबंधन
जेल प्रशासन के मुताबिक, जिन महिला बंदियों से मिलने के लिए उनके परिवार का कोई सदस्य नहीं आता, उन्हें भी रक्षाबंधन मनाने का मौका दिया जा रहा है. ऐसी महिला बंदियां जेल अधिकारियों को राखी बांध सकती हैं. मेरठ जिला कारागार में रक्षाबंधन का सिलसिला देर रात तक चलने की उम्मीद है. करीब 2500 बहनों के पहुंचने की संभावना है. एक तरफ बहनें जेल में बंद अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध रही हैं, वहीं दूसरी तरफ उन महिला बंदियों के लिए जेल अधिकारी भाई की भूमिका निभा रहे हैं, जिनसे राखी बंधवाने के लिए उनका कोई अपना नहीं पहुंच पाया.
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