उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में रतनपुरी थाना क्षेत्र के फुलत गांव स्थित मदरसा दारुल उलूम रहीमिया पर रविवार को जिला प्रशासन ने कार्रवाई की. प्रशासन की टीम ने जेसीबी की मदद से कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त कराया. अधिकारियों के मुताबिक, राजस्व विभाग की जांच में मदरसे से संबंधित निर्माण ग्राम सभा की जमीन पर पाया गया था.
मामले की जांच तहसीलदार और अपर जिलाधिकारी कार्यालय स्तर से कराई गई थी. जांच के बाद उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 67/5 के तहत निर्माण को अवैध पाया गया. इसके बाद प्रशासन की ओर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई. अधिकारियों के मुताबिक, अभियान के दौरान अवैध निर्माण का काफी हिस्सा गिराया जा चुका है.
धर्मांतरण के आरोपों के बाद दर्ज हुआ था केस
इस मदरसे का नाम कथित धर्मांतरण के एक मामले में भी सामने आया था. शिकायत के आधार पर रतनपुरी थाने में मौलाना हिफजुर्रहमान अंसारी और उनके दो बेटों जुबैर अंसारी व जुनैद अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं के साथ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन अधिनियम 2021 के तहत केस दर्ज किया.
पुलिस के मुताबिक, मामले में जुनैद अंसारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. उसके खिलाफ आरोप पत्र भी भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है. शिकायत में मदरसे से जुड़े लोगों पर हिंदू लड़कियों के धर्मांतरण के आरोप लगाए गए थे. इन आरोपों की कार्रवाई अलग कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रही है.
इसी मामले के दौरान मदरसे के संचालन और वहां मौजूद निर्माण को लेकर भी प्रशासन के संज्ञान में शिकायत आई थी. इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर संबंधित राजस्व अधिकारियों ने भूमि और निर्माण की जांच की. रिपोर्ट में सार्वजनिक ग्राम सभा की भूमि पर निर्माण पाए जाने के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का निर्णय लिया.
SSP बोले- आगे भी होगी सख्त कार्रवाई
मुजफ्फरनगर के SSP संजय कुमार वर्मा ने बताया कि रतनपुरी थाना क्षेत्र में दारुल उलूम रहीमिया नाम के मदरसे के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी. इसमें कथित रूप से अवैध रूप से मदरसा संचालित किए जाने और हिंदू लड़कियों के धर्मांतरण का मामला सामने आया था. शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने कार्रवाई की.
SSP के अनुसार, मदरसे की भूमि और निर्माण की जांच तहसीलदार तथा ADM कार्यालय के माध्यम से कराई गई. राजस्व संहिता की धारा 67/5 के तहत जांच में निर्माण अवैध पाए जाने के बाद जेसीबी से ध्वस्तीकरण कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कार्रवाई को प्रभावी तरीके से सुनिश्चित किया जा रहा है और काफी निर्माण ध्वस्त किया जा चुका है.
पुलिस अधिकारी ने यह भी कहा कि मामले में आरोपियों के खिलाफ आगे गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. पुलिस का कहना है कि अभियुक्तों के खिलाफ उपलब्ध तथ्यों और जांच के आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन की कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस बल मौजूद रहा और पूरी प्रक्रिया अधिकारियों की निगरानी में कराई गई.
राजस्व जांच के बाद हुई कार्रवाई
प्रशासन की इस कार्रवाई का आधार मदरसे की जमीन और निर्माण को लेकर हुई राजस्व जांच को बताया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, जांच में सार्वजनिक ग्राम सभा की भूमि पर निर्माण होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई.
वहीं, धर्मांतरण से जुड़ा मुकदमा पुलिस की अलग जांच का विषय है. इस प्रकरण में मौलाना हिफजुर्रहमान अंसारी और उनके बेटों के खिलाफ दर्ज केस में पुलिस पहले ही गिरफ्तारी और आरोप पत्र की कार्रवाई कर चुकी है. अब प्रशासन की ओर से अवैध निर्माण पर की गई कार्रवाई के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में है.
फिलहाल, पुलिस और प्रशासन दोनों स्तर पर कार्रवाई जारी है. एक ओर राजस्व नियमों के तहत अवैध निर्माण को हटाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ धर्मांतरण के आरोपों से जुड़े मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है.
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