उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश ने लोगों का जनजीवन अस्तव्यस्त कर रखा है। खासकर पूर्वी यूपी में पिछले एक हफ्ते से हो रही बारिश ने कई जिलों में परेशानियां खड़ी कर दी हैं। अब मौसम विभाग ने बुंदेलखंड में भारी बारिश की संभावना जताई है। झांसी और जालौन में बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही आधा दर्जन जिलों के लिए ऑरेंज अर्लट और कई जिलों के लिए यलो अर्लट भी जारी किया गया है।
बुधवार की सुबह जारी अलर्ट के अनुसार अगले तीन घंटों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। झांसी और जालौन के साथ ही आसपास के जिलों में भी बिजली कड़कने के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही नौ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। इटावा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, कानपुर देहात, औरैया, कन्नौज, फर्रुखाबाद और आसपास के जिलों में बिजली कड़कने के साथ मध्यम से तेज बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने लखनऊ, कानपुर नगर, अयोध्या, रायबरेली, अमेठी, उन्नाव, बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, बरेली, पीलीभीत, रामपुर, अलीगढ़, बदायूं, बुलंदशहर, संभल, अमरोहा, मुरादाबाद, फतेहपुर, हमीरपुर, ललितपुर, हाथरस, मथुरा और कासगंज के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली चमकने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
इससे पहले मंगलवार को बनारर में बारिश काल बनकर बरसी। अलग-अलग हादसों में सात लोगों की मौत हो गई। कहीं करंट जानलेवा बना तो कहीं जर्जर मकान की दीवार गिरने और वज्रपात से लोगों की जान चली गई। जबरदस्त बारिश से शहर कई दुश्वारियों से घिर गया तो व्यवस्था के कई छेद भी उजागर हो गए। शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा दूसरे जिलों से जोड़ने वाली सड़कों पर जलभराव से घंटों आवागमन बाधित रहा।
गलियों में वही हाल दिखा। कहीं निकासी की राह नहीं मिली तो कई इलाकों में सड़कों-गलियों का पानी घरों में पहुंच गया। कल-कारखानों से लेकर बाजारों तक उत्पादन एवं व्यावसायिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुईं। प्रमुख बाजारों एवं मंडियों में सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी कम ग्राहक पहुंचे। वहीं, बीएचयू के अलावा जिला एवं मंडलीय अस्पतालों में मरीजों और उनके तीमारदारों को भी भारी परेशानी हुई।
वाराणसी में सोमवार रात आठ बजे से मंगलवार सुबह 8 बजे यानी 12 घंटे में 128 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। इस रिकार्ड के मुताबिक प्रदेश के सर्वाधिक वर्षा वाले जिलों में बनारस दूसरे स्थान पर रहा जबकि उक्त अवधि के दौरान आजमगढ़ में सर्वाधिक 180 मिमी वर्षा हुई। सावनी बादलों के अभी दो दिनों तक जमे रहने और जमकर बरसने के संकेत हैं। पिछले साल 23 अगस्त को एक दिन में सर्वाधिक 161.8 एमएम बारिश हुई थी। 1952 से 2026 तक, 74 साल के दौरान 12 अगस्त 1987 को एक दिन की सर्वाधिक 165 मिमी बारिश हुई थी।
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