UP Teachers Transfer List: उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों के छह हजार दिव्यांग, महिला और असाध्य रोगों से पीड़ित शिक्षकों को मनचाहे जिलों में तबादले का इंतजार है। जून में इनसे ट्रांसफर के लिए आवेदन लिए गए थे, लेकिन अभी तक तबादला सूची जारी नहीं हुई है। परिषदीय स्कूलों में पढ़ा रहे दिव्यांग, महिला और असाध्य रोग पीड़ित शिक्षकों के ही स्थानांतरण की प्रक्रिया इस बार शुरू की गई। बाकी सामान्य शिक्षकों को एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरण का अवसर इस बार नहीं दिया गया। ऐसे में यह लगा कि जरूरतमंद शिक्षकों को इस बार आसानी से दूसरे जिले में स्थानांतरण की सुविधा मिल जाएगी। जून में स्थानांतरण के लिए आवेदन लिए गए।
आवेदन करने वाले करीब छह हजार शिक्षकों को उम्मीद थी कि जल्द स्थानांतरण आदेश जारी होगा। छात्र-शिक्षक अनुपात के अनुसार ही शिक्षकों को स्थानांतरित किया जाने की व्यवस्था की गई। पहले शिक्षकों में यह भ्रम फैला कि अगर पति-पत्नी में से किसी ने भी स्थानांतरण के लिए फॉर्म भरा तो दोनों में कम छात्र-शिक्षक अनुपात वाले जिले में पति या पत्नी में से किसी एक का स्थानांतरण कर दिया जाएगा। मामले ने तूल पकड़ा तो फिर यह स्पष्ट किया गया कि जो दंपत्ति शिक्षक स्थानांतरण का फॉर्म भरेगा सिर्फ उसी के तबादले पर विचार होगा।
उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल यादव कहते हैं कि दिव्यांग-महिला और असाध्य रोगी शिक्षकों के बीच जिले में सरप्लस शिक्षकों को भी चिह्नित कर उन्हें जिले के भीतर एक विद्यालय से दूसरे विद्यालय स्थानांतरित कर एकल व कम शिक्षक वाले स्कूलों में भेजा जा रहा है। अब यह प्रक्रिया भी खत्म हो रही है लेकिन इन शिक्षकों को अभी भी स्थानांतरण का इंतजार है। अब तबादला सत्र शून्य होने की कगार पर है।
परिषदीय स्कूलों के वह शिक्षक जो पहले अध्यापक पात्रता परीक्षा पास कर चुके हैं, उन्हें विशेष टीईटी देना अनिवार्य नहीं है। विशेष टीईटी सिर्फ उन्हीं शिक्षकों के लिए आयोजित की जा रही है जो अभी तक टीईटी पास नहीं कर पाए हैं। बुधवार को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
अपर मुख्य सचिव, बेसिक और माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे शिक्षक जिन्होंने टीईटी या सीटीईटी पास नहीं की है, वह इस विशेष टीईटी में शामिल हों। महानिदेशक,स्कूल शिक्षा और निदेशक बेसिक शिक्षा को आदेश दिया है कि वह सभी जिलों में बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) के माध्यम से ऐसे शिक्षकों का जिन्होंने अभी तक टीईटी या सीटीईटी पास नहीं की है, उनका पंजीकरण विशेष टीईटी में करें और परीक्षा में अवश्य भाग लें। दूसरी ओर ऐसे शिक्षक जो पहले टीईटी या सीटीईटी पास कर चुके हैं, उनके लिए यह परीक्षा पुन: उत्तीर्ण करना आवश्यक या अनिवार्य नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद परिषदीय स्कूलों के कुल 1.42 लाख शिक्षकों को टीईटी पास करना अनिवार्य था। बीते दिनों करीब 86 हजार शिक्षक टीईटी उत्तीर्ण कर चुके हैं। अब 56818 शिक्षक ऐसे बचे हैं, जो टीईटी पास नहीं हैं। ऐसे में इन शिक्षकों को विशेष टीईटी देकर उसे पास करना जरूरी है।
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