उमेश पाल हत्याकांड के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस जिस 5 लाख रुपये के इनामी आरोपी मोहम्मद अरमान की तलाश कर रही थी, वह गया सेंट्रल जेल में बंद मिला है। प्रयागराज पुलिस को इसकी जानकारी मिलने के बाद अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर प्रयागराज ले जाने की तैयारी की जा रही है। वहीं, अरमान के परिजनों और अधिवक्ता ने उसकी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका जताई है।
उमेश पाल हत्याकांड में सामने आया था नाम
गया जेल में कैसे पहुंचा अरमान?
30 सितंबर को गया जेल पहुंची यूपी पुलिस अरमान के गया जेल में बंद होने की जानकारी मिलने के बाद प्रयागराज के धूमनगंज थाने की पुलिस सक्रिय हुई। 30 सितंबर को यूपी पुलिस की एक टीम गया सेंट्रल जेल पहुंची। टीम ने जेल में अरमान की पहचान से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की और उसकी तस्वीरें भी लीं। इसके बाद टीम प्रयागराज लौट गई। अगले दिन, 1 अक्टूबर को यूपी पुलिस ने गया कोर्ट में अरमान को ट्रांजिट रिमांड पर लेने के लिए आवेदन दिया।
परिवार ने जताई सुरक्षा को लेकर आशंका यूपी पुलिस की कार्रवाई के बाद अरमान के परिवार ने उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। परिजनों ने गया कोर्ट में आवेदन देकर मांग की कि अरमान को यूपी पुलिस के साथ न भेजा जाए। उनका कहना था कि अगर यूपी पुलिस को उससे पूछताछ करनी है तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ की जाए। परिजनों ने आशंका जताई कि प्रयागराज ले जाने के बाद अरमान की जान को खतरा हो सकता है।
अदालत ने खारिज की सुरक्षा संबंधी अर्जी मामले की सुनवाई गया के लर्न्ड मजिस्ट्रेट सौरभ कुमार की अदालत में हुई। अरमान के परिजनों और वकील की ओर से दायर आवेदन को अदालत ने खारिज कर दिया। अरमान के अधिवक्ता ललित कुमार गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है। आवेदन खारिज होने के बाद यूपी पुलिस के लिए अरमान को ट्रांजिट रिमांड पर प्रयागराज ले जाने का रास्ता साफ हो गया है।
वकील ने पुलिस और जेल प्रशासन पर लगाए आरोप अरमान के अधिवक्ता ललित कुमार गुप्ता ने पुलिस और जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके मुवक्किल की जान को खतरा है। वकील ने आरोप लगाया कि यूपी पुलिस और गया सेंट्रल जेल प्रशासन की मिलीभगत से अरमान की हत्या या एनकाउंटर की साजिश की जा सकती है।
हालांकि, ये आरोप अरमान के वकील और परिवार की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वकील ने कहा कि निचली अदालत के आदेश की प्रति मिलने के बाद वह अरमान की सुरक्षा को लेकर पटना हाई कोर्ट में रिट याचिका दाखिल करेंगे।
माता-पिता ने बताया निर्दोष अरमान के माता-पिता ने अपने बेटे को निर्दोष बताया है। उसके पिता शमीम ड्राइवर हैं। परिवार का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और उनके पास अपना पक्का मकान तक नहीं है।
परिजनों के मुताबिक, अरमान पहले प्रयागराज में रहकर छोटा-मोटा काम करता था। उनका दावा है कि वह कोई पेशेवर अपराधी नहीं है और उसे उमेश पाल हत्याकांड में गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रशासन से अरमान की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
ट्रांजिट रिमांड के बाद प्रयागराज ले जाने की तैयारी उमेश पाल हत्याकांड में 5 लाख रुपये के इनामी आरोपी के गया जेल में बंद मिलने के बाद अब यूपी पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर है। यूपी पुलिस अरमान को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर प्रयागराज ले जाना चाहती है, जहां उससे हत्याकांड के संबंध में पूछताछ की जाएगी।
वहीं, अरमान का परिवार और उसका अधिवक्ता लगातार उसकी सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। आगे की कार्रवाई अदालत के आदेश और पुलिस की कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!