मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित 3597 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किया।
उन्हें स्पष्ट संदेश दिया कि यदि किसी प्रबंधक ने ज्वाइनिंग के लिए पैसा माँगा या किसी भी तरह का लेनदेन किया, तो उसे जेल में सजा सुनाई जाएगी। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा विभाग से सभी नवनियुक्तों को स्पष्ट निर्देश जारी किये गये हैं।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने नवनियुक्त शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षकों का कार्य केवल बच्चों को पढ़ाना नहीं, बल्कि समाज को दिशा देना भी है। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षकों ने हमेशा ज्ञान के साथ जीवन‑मूल्यों की शिक्षा भी दी है।
उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कुछ लोग आज जाति और तुष्टीकरण के नाम पर वोट मांग रहे हैं, जबकि पहले वे इंडी के नाम पर वोट मांगते थे। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश की जेल में कुछ लोग जश्न मना रहे हैं, कि अगर भैया आएँगे तो उन्हें (माफिया) छूट मिल जाएगी।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने संविधान को लेकर अपनी आलोचना जारी रखी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग संविधान को बदलने या खत्म करने की साजिश कर रहे हैं और यह बताने का प्रयास कर रहे हैं कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान लिखा ही नहीं। उन्होंने संविधान की भूमिका को गैरबराबरी को दूर करने के लिए समता‑समानता के रूप में रेखांकित किया।
अखिलेश ने आगे कहा कि आज संविधान ‘पीडीए समाज’ की ढाल और रक्षा कवच है। उन्होंने यह भी बताया कि आरक्षण आज परंपरागत शक्तिशाली लोगों को संतुष्ट नहीं कर रहा है और संविधान को चुनौती देने वाले सुन लें कि देश संविधान से चलेगा, किसी संघ‑विधान या मन‑विधान से नहीं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में अखिलेश ने कहा कि अयोध्या के ‘राम मंदिर’ में चढ़ावा चोरी की पहली जांच में ही आंकड़ा 105 हो गया है। उन्होंने भाजपा के साथियों की संलिप्तता पर सवाल उठाया और यह दावा किया कि उन्होंने दान‑पुण्य का पैसा धर्म के विकास के लिए दिया था, जिसे भाजपा ने चुरा कर अपना-अपना खजाना भर लिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के खिलाफ अगला चुनाव धर्म को बचाने की किसी जंग से कम नहीं होगा।
उत्तराखंड की रजत जयंती पर अखिलेश ने कहा कि राज्य स्थापना के समय रोजगार, जल, जंगल और जमीन के मुद्दे थे, परंतु आज कुछ भी नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि मानव और वन्य जीव संघर्ष के कारण सैकड़ों लोगों की जान गई है और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर राज्य सबसे निचले पायदान पर है।
सुभासपा अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने इंद्रजीत सरोज के बयान को लेकर तंज कसा और यह सवाल उठाया कि चुनाव अभी हुआ नहीं है परंतु सपा में मंत्री पद और विभागों के बंटवारे के सपने देखे जाने लगे हैं।
राजभर ने इंद्रजीत सरोज के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि 2027 में सपा की सरकार बनी तो उन्हें मंत्री बनने से कोई नहीं रोक पाएगा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जनता के फैसले से पहले ही मंत्री पद और बालू‑मिट्टी का हिसाब‑किताब शुरू हो गया है क्या।
राजभर ने अखिलेश से पूछा कि 2027 के लिए किस‑किस नेता को कौन सा विभाग सपने में बाँट रखा है। उन्होंने शिवपाल यादव का जिक्र करते हुए तंज कसा और यह कहा कि चच्चू अपने विभाग का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें बता दिया जाए कि पीडब्ल्यूडी मिलेगा या सिंचाई विभाग।
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