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कानपुर आरटीओ दफ्तर में तीन दिन पहले हुई पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। जांच में सामने आई गड़बड़ियों को चार प्रमुख बिंदुओं में बांटा गया है। इसमें काउंटर नंबर छह से कैश के हिसाब-किताब के दो रजिस्टर मिलने को भी शामिल किया गया है। इसमें सरकारी कैश को रफ रजिस्टर में लिखने और बंटवारे के बाद फेयर में इसी सही करने की आशंका है।
रिपोर्ट के आधार पर बड़ी कार्रवाई के मिल रहे हैं संकेत इस दौरान 11 दलाल पकड़े गए थे। इनके खिलाफ काकादेव थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। एफआईआर में दफ्तर के दो बाबुओं के नाम भी शामिल किए गए थे। इनके काउंटर में नकदी की अनियमितता मिली थी। वहीं दो दलाल अभी भी फरार हैं। एसडीएम सदर अनुभव सिंह और एडीसीपी ऑपरेशन सुमित सुधाकर रामटेके ने संयुक्त रूप से जांच रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट के आधार पर बड़ी कार्रवाई के संकेत मिल रहे हैं।
पहला बिंदु: दलालों ने खोला कर्मचारियों को हिस्सा देने का राज जांच के दौरान पकड़े गए 11 दलालों के पास कुल 43,485 रुपये मिले थे। पूछताछ में उन्होंने बताया था कि वे निर्धारित सरकारी फीस से अधिक रकम लेकर वाहनों का रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का काम कराते हैं। दलालों ने यह भी बताया कि कमाई का एक हिस्सा आरटीओ दफ्तर में तैनात कर्मचारियों को दिया जाता है जिससे उनके काम आसानी से हो सकें। अधिकारियों के मुताबिक बरामद रकम ग्राहकों से ही एकत्र की गई थी।
दूसरा बिंदु: बाबू की कुर्सी पर बाहरी व्यक्ति के बैठने की शिकायत जांच टीम को ट्रक चालक कामता प्रसाद ने बताया था कि उसका चालान 26 हजार रुपये का था लेकिन काउंटर नंबर चार पर बैठे व्यक्ति ने उसे 21 हजार रुपये की रसीद दी। जब काउंटर के बाबू को सामने लाया गया तो कामता प्रसाद ने उसे पहचानने से इन्कार कर दिया। आशंका है बाबुओं की जगह बाहरी लोग भी काउंटर पर बैठकर रसीद काटने और कैश जमा करने का काम कर रहे थे।
तीसरा बिंदु: रसीदों से सात हजार रुपये कम मिला था कैश काउंटर नंबर छह पर जमा रसीदों और मौजूद नकदी का मिलान किया गया तो कैश सात हजार रुपये कम मिला। संबंधित बाबू रकम के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। जांच अधिकारियों ने आशंका जताई कि कार्रवाई के दौरान रकम को इधर-उधर किया गया। काउंटर से कैश के हिसाब-किताब के दो रजिस्टर भी मिले। इनमें एक रफ और दूसरा फेयर था।
चौथा बिंदु: कैमरे नाकाफी, गेट पर गार्ड तक नहीं जांच में आरटीओ परिसर की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में मिली। कैश काउंटर के बाहर कैमरा लगा था, लेकिन भीतर की तरफ कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था। पूरे परिसर में भी कैमरों की संख्या पर्याप्त नहीं मिली। अधिकारियों के मुताबिक मुख्य गेट पर सुरक्षा गार्ड की तैनाती भी नहीं थी। बाहरी लोगों की दफ्तर में बेरोकटोक आवाजाही पाई गई।
चार बिंदुओं पर पूरी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। विभाग से संबंधित जो शिकायतें मिल रही थीं जांच में वे सभी सही भी पाई गई हैं। एक-दो दिन में पुलिस कमिश्नर को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। आगे की कार्रवाई उन्हीं के निर्देश पर की जाएगी। -सुमित सुधाकर रामटेके, एडीसीपी ऑपरेशन
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