करण जौहर के लोकप्रिय चैट शो ‘कॉफी विद करण’ का नौवां और अंतिम सीज़न 14 अक्टूबर को जियो हॉटस्टार के ‘द पीकॉक हब’ पर शुरू हुआ। इस पहले एपिसोड में सलमान खान ने मेज़बान के साथ काउच पर बैठकर अपने जीवन के कुछ अनकहे पहलू खोले।
सलमान और करण के बीच दशकों पुराना दोस्ती का रिश्ता इस एपिसोड में साफ़ दिखा। सलमान ने करण के पिता यश जौहर की दयालुता और अपने परिवार के प्रति उनके सहयोग को याद किया, जिससे बातचीत में एक सहज अपनापन बना। शाहरुख खान और इंडस्ट्री के रिश्तों की बातों में भी पुरानी दोस्ती की झलक मिली।
‘बिग बॉस 20’ में अक्सर तेज़‑तर्रार कंटेस्टेंट्स को क्लास लगाते सलमान इस बार कहीं अधिक शांत और स्थिर दिखे। 60 साल की उम्र में उनका यह बदलाव दर्शाता है कि समय के साथ इंसान कैसे बदलता है, और यही बदलाव उन्हें और भी दिलचस्प बनाता है।
शो में करण ने सलमान से कई बार उनके वैग़निटी (वर्जिनिटी) के बारे में सवाल किए, लेकिन इस बार बातचीत का मुख्य फोकस सलमान के निजी विचार और पिता बनने की इच्छा पर रहा। उन्होंने अपने भविष्य के पितृत्व की आशा और इस दिशा में अपने विचार साझा किए, जिससे सुपरस्टार की एक अलग, अधिक संवेदनशील छवि सामने आई।
एपिसोड का एक अनोखा मोड़ तब आया जब सलमान ने अपने कमरे में महसूस की गई अजीब घटनाओं का किस्सा सुनाया – लाइटें अपने‑आप जल‑बुझना, अलमारियों का खुलना, और अचानक संगीत बजना। उन्होंने इसे ‘भूतिया’ नहीं बल्कि ‘अनदेखी मौजूदगी’ के रूप में बताया, जिससे श्रोताओं को हल्का‑फुल्का रहस्य और हँसी दोनों मिला।
सलमान ने 90 के दशक के सितारों – अक्षय कुमार, अजय देवगन, शाहरुख खान – के काम के प्रति समर्पण की भी तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि अभिनय में लगन और गंभीरता ही किसी कलाकार को लंबे समय तक दर्शकों के दिल में जगह दिलाती है, और यह संदेश नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
करिश्मा कपूर की एंट्री ने माहौल में ताजगी भर दी। सलमान और करिश्मा की पुरानी दोस्ती, साथ में काम करने की यादें और चॉकलेट शेयर करने का छोटा‑सा किस्सा शो को हल्का‑फुल्का और गर्मजोशी वाला बना गया।
‘रैपिड‑फ़ायर’ राउंड इस बार पहले जितना तीखा नहीं लगा। जहाँ पहले के सीज़न में सितारों के जवाब सुर्खियों में बदल जाते थे, इस बार सलमान के जवाब अधिक संयमित और कम शरारती थे। यदि रैपिड‑फ़ायर को सलमान के निजी अनुभवों, परिवार और सिनेमा पर विचारों के साथ मिलाकर थोड़ा अधिक समय दिया जाता, तो एपिसोड की ताकत बढ़ सकती थी।
कुल मिलाकर, ‘कॉफी विद करण 9’ का पहला एपिसोड दोस्ती, भावनात्मक जुड़ाव और सलमान की नई छवि पर केंद्रित रहा। गॉसिप और तेज़ प्रश्नों की कमी ने कुछ दर्शकों को निराश किया, पर शो की सुकूनभरी और अपनापन भरी टोन इसे एक दिल छू लेने वाला एपिसोड बनाती है। यदि आप सलमान के अनछुए पहलुओं को देखना चाहते हैं, तो यह एपिसोड जरूर देखें; पर अगर आप तीखे सवाल और मसालेदार गॉसिप की उम्मीद कर रहे हैं, तो उम्मीदें थोड़ी कम रखें।
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