यूपी में रक्षाबंधन से ठीक पहले महिलाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी सौगात दी है। एक तरफ रक्षाबंधन पर कल से तीन दिनों तक सभी महिलाएं रोडवेज और सिटी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेगी तो दूसरी तरफ 29 अगस्त से 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को रोडवेज बसों में निशुल्क बस यात्रा की सुविधा मिलेगी। सीएम योगी ने लखनऊ में इसका शुभारंभ करते हुए अपने हाथों से कई महिलाओं को मुफ्त यात्रा के लिए सांकेतिक स्मार्ट कार्ड का वितरण किया। महिलाओं को साड़ी और मिठाई का डिब्बा भी दिया गया। यूपी के अन्य जिलों में भी इसी तरह से आयोजन कर महिलाओं को सौगात दी गई। एक दिन पहले मंगलवार को ही कैबिनेट ने इस योजना की मंजूरी दी थी।
सीएम योगी ने कहा कि इस योजना का नाम लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर मातृशक्ति मुफ्त बस यात्रा योजना रखा गया है। 29 अगस्त से 60 साल से ऊपर की कोई भी महिला अपना वोटर कार्ड या आधार कार्ड दिखा कर मुफ्त यात्रा कर सकती है। उनसे कोई भी पैसा नहीं लिया जाएगा। सीएम योगी ने बताया कि यात्रा के बारे में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने पूछा था कि कब योजना की शुरुआत करें। मैंने कहा कि रक्षाबंधन से बेहतर कोई अवसर नहीं हो सकता। सभी 75 जिलों में आयोजन हो रहा है। इस आयोजन में महिलाओं को मुफ्त बस सेवा की सौगात के साथ मिठाई देकर सम्मान भी किया जा रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने अंग्रेजों के समय महिला स्वावलंबन का आदर्श प्रस्तुत किया था। ऐसे में उनके नाम पर न सिर्फ इस मुफ्त यात्रा का नाम रखा गया है, बल्कि राज्य में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल का निर्माण भी लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर हो रहा है।
सीएम योगी ने सपा पर हमला करते हुए कहा कि 2017 के पहले की सरकारों की याद आती है तो उस समय एक नारा गूंजता था, देख सपाई, बिटिया घबराई। जब सुरक्षा नहीं, सम्मान नहीं, तो स्वावलम्बन कहां से होगा। पेंशन और छात्रवृत्ति बिचौलिए तय करते थे। उत्सव से पहले उपद्रव हो जाते थे। प्रदेश में सैंड माफिया, लैंड माफिया का राज था। महिलाओं के लिए शौचालय तक नहीं थे। महिलाएं अंधेरा होने का इंतजार करती थीं।
बुंदेलखंड में महिलाएं सिर पर मटका रखकर पानी ढोती थीं। मुद्रा योजना का पैसा हो या पुष्टाहार का बजट, सब रास्ते से गायब हो जाते थे। बेटी के जन्म पर परिवार को चिंता होती थी। उसकी पढ़ाई और शादी की चिंता होती थी। नकल एक उद्योग बन गया था। विपरीत परिस्थिति में मेधावी बेटी मेहनत करती थी और उसकी डिग्री कोई पैसे वाला खरीद लेता था।
कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने तस्वीर बदल दी। यूपी को चंगा बना दिया गया है। हर योजना का केंद्र बिंदु बेटी है। हमने जो कहा था कि बेटी को सुरक्षा की गारंटी देंगे यह केवल फिजिकल सिक्योरिटी नहीं, मेंटल सिक्योरिटी भी थी। 2017 में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 10 हजार थी। अब 45 हजार हो गई हैं। नई भर्ती के बाद यह संख्या 50 हजार हो जाएगी। पहली बार महिला बीट की व्यवस्था की गई है। बेटी की सुरक्षा पहले किस्मत पर निर्भर थी। अब वह डेटा और टेक्नोलॉजी पर निर्भर है।
कहा कि सपा के समय 300 रुपये महिलाओं को मिलता था। उसका एक हिस्सा बिचौलिया खा जाते थे। हम 12 हजार सालाना दे रहे हैं। एक बटन दबाते ही महिला के खाते में सीधे पैसा पहुंचता है। अक्तूबर या नवंबर में प्रदेश की 50 हजार बेटियों को स्कूटी भी देंगे। घरौनी योजना की मालकिन महिला है। 65 लाख आवास दिए हैं, जिनका मालिकाना हक महिलाओं को दिया गया है। उज्ज्वला योजना से महिलाओं की आंखों से धुआं हटा है।
कहा कि हम डिजिटल इंटरप्रेन्योरशिप शुरू करने जा रहे हैं। राज्य में 8000 न्याय पंचायतें हैं। इनमें से 4000 में डिजिटल इंटरप्रेन्योरशिप महिलाएं होंगी। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से कहा कि अपने भाइयों को तो आप रक्षासूत्र बांधेंगी ही। हो सके तो सेना के जवानों, सैनिकों, पूर्व सैनिकों को भी रक्षा सूत्र बांधकर इस सुरक्षा के चक्र को और मजबूत करें।
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