मध्यप्रदेश सरकार ने मोहन कैबिनेट में यह घोषणा की कि हर विधानसभा क्षेत्र में एक आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा, और प्रमुख खेल मैदानों के बीच में हेलिपैड लगाया जाएगा। यह निर्णय खेलों को बढ़ावा देने और आपातकालीन सेवाओं को तेज़ी से पहुँचाने के उद्देश्य से लिया गया है।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने इस पहल को "सभी युवाओं के लिए एक नई शुरुआत" कहा और बताया कि यह कदम खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा का मंच देने में मदद करेगा।
विकास मंत्रालय के प्रमुख ने बताया कि इस परियोजना के तहत 500 से अधिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे, जिनमें फ़ुटबॉल, क्रिकेट, हॉकी और एथलेटिक्स के लिए विश्व‑स्तरीय सुविधाएँ होंगी। साथ ही, हेलिपैड के माध्यम से आपातकालीन चिकित्सा सेवाएँ और इमरजेंसी सपोर्ट को तेज़ी से पहुँचाया जा सकेगा।
इस योजना के लिए राज्य सरकार ने केंद्रीय और राज्य सरकार से मिलकर 2,500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इसके अलावा, निजी क्षेत्र से निवेश आकर्षित करने के लिए सार्वजनिक‑निजी साझेदारी (PPP) मॉडल भी अपनाया जाएगा।
कई खेल संघों और युवा संगठनों ने इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम खेलों के विकास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। वे आशा करते हैं कि इससे मध्यप्रदेश के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकेंगे।
मध्यप्रदेश सरकार ने यह भी कहा कि हेलिपैड के साथ-साथ सभी कॉम्प्लेक्स में जल सुरक्षा, शीतलन व्यवस्था और खेल उपकरणों की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस पहल के तहत, हर कॉम्प्लेक्स को 24 घंटे की रोशनी, प्रशिक्षण कक्ष, मेडिकल सेंटर और रेफ्रिजरेटेड स्टोरेज जैसी सुविधाएँ प्रदान की जाएँगी।
इस निर्णय के साथ-साथ, सरकार ने खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में भी खेल पाठ्यक्रमों को शामिल करने की योजना बनाई है। इससे युवाओं को खेलों के साथ-साथ शैक्षणिक योग्यता भी बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
इस नई पहल के तहत, राज्य सरकार ने यह भी तय किया है कि हर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों के प्रदर्शन का सटीक रिकॉर्ड रखा जा सकेगा। यह प्रणाली AI आधारित डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करेगी, जिससे प्रशिक्षकों को बेहतर मार्गदर्शन मिल सकेगा।
इस निर्णय के माध्यम से, मध्यप्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक राज्य को खेलों के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाना। इस दिशा में, सरकार ने पहले ही कुछ प्रमुख शहरों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर दिए हैं, जिन्हें अगले वर्ष तक पूरे राज्य में विस्तारित किया जाएगा।
अंत में, मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम सिर्फ खेलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक विकास, रोजगार सृजन और स्वास्थ्य सेवाओं को भी समृद्ध करेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से इस पहल का समर्थन करने का आग्रह किया।
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